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लेट नाईट पब पार्टी रुकवाने पहुंची पुलिस, एन्जॉय करते मिल गए IG; फिर SSP ने दिखाया कड़ा रूख!

देहरादून के राजपुर रोड स्थित रोमियो लेन बार में नियमों के उल्लंघन पर पुलिस की कार्रवाई के दौरान आईजी और एसएसपी के बीच टकराव की स्थिति बन गई. प्रशासन ने अब इस मामले में रिपोर्ट तलब की है.

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लेट नाईट पब पार्टी रुकवाने पहुंची पुलिस, एन्जॉय करते मिल गए IG; फिर SSP ने दिखाया कड़ा रूख!
Courtesy: Social Media

देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में पुलिस प्रशासन और अनुशासन के बीच एक विचित्र स्थिति उत्पन्न हो गई है. शनिवार की देर रात राजपुर रोड पर स्थित एक नामी बार में समय सीमा समाप्त होने के बावजूद शराब और संगीत का दौर जारी था. जब पुलिस टीम ने कार्रवाई करने की कोशिश की, तो वहां विभाग के ही एक बड़े अधिकारी की मौजूदगी ने मामले को पेचीदा बना दिया. 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत जारी इस सख्ती ने विभाग के आपसी तालमेल पर सवालिया निशान लगा दिए हैं.

राजपुर रोड पर स्थित 'रोमियो लेन' बार में शनिवार रात निर्धारित समय सीमा यानी 12 बजे के बाद भी जश्न का माहौल था. वहां नियमों को ताक पर रखकर शराब परोसी जा रही थी और संगीत गूंज रहा था. सूचना मिलते ही रात करीब 1:00 बजे एसपी सिटी प्रमोद कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. जैसे ही पुलिस ने बार को खाली कराने की प्रक्रिया शुरू की, वहां मौजूद आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप के कथित हस्तक्षेप से पूरा अभियान अचानक रुक गया.

एसएसपी का कड़ा रुख और दखल 

शुरुआती जानकारी के अनुसार, आईजी की उपस्थिति के चलते मौके पर तैनात पुलिसकर्मी कुछ समय के लिए दुविधा में पड़ गए थे. हालांकि, जब यह सूचना देहरादून के एसएसपी प्रमोद डोभाल तक पहुंची, तो उन्होंने तुरंत कड़ा फैसला लिया. कप्तान ने स्वयं घटनास्थल पर पहुंचकर कड़ा रुख अपनाया और बिना किसी संकोच के बार को तत्काल बंद करवा दिया. पुलिस के दो वरिष्ठ अधिकारियों के बीच उपजा यह विरोधाभास अब शहर के प्रशासनिक और सामाजिक गलियारों में चर्चा का केंद्र बना हुआ है.

आईजी राजीव स्वरूप की सफाई 

इस पूरे विवाद के गरमाने के बाद आईजी राजीव स्वरूप ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए आरोपों को सिरे से खारिज किया है. उन्होंने तर्क दिया कि वे केवल अपने परिवार के साथ उस मार्ग से गुजर रहे थे और तभी उनकी नजर वहां मौजूद पुलिस बल पर पड़ी. उन्होंने वहां 7 थानों की फोर्स तैनात होने पर केवल अपनी नाराजगी जाहिर की थी. आईजी ने सवाल उठाया कि एक बार पर कार्रवाई के लिए इतने बड़े स्टाफ की तैनाती का क्या औचित्य है.

मुख्यालय ने मांगी विस्तृत रिपोर्ट 

मीडिया में खबरें आने के बाद उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय ने इस घटना को अनुशासन के लिहाज से गंभीरता से लिया है. अपर पुलिस महानिदेशक डॉ. वी. मुरुगेशन ने आईजी गढ़वाल और एसएसपी देहरादून से अगले 24 घंटे के भीतर विस्तृत लिखित रिपोर्ट तलब की है. इस दौरान बार के सीसीटीवी फुटेज को भी जांच के घेरे में लिया गया है ताकि घटना की वास्तविक कड़ियों को जोड़ा जा सके. मुख्यालय यह सुनिश्चित करना चाहता है कि नियमों के क्रियान्वयन में कोई बाधा न आए.