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देहरादून तक पहुंची कमर्शियल गैस सिलेंडर की किल्लत, महंगे हुए सामान! व्यापारियों की बढ़ी परेशानी

उत्तराखंड टूरिज्म पर चलने वाला प्रदेश है. यहां की कमाई का मुख्य स्त्रोत टूरिस्ट से मिले पैसे ही हैं. मिडिल ईस्ट युद्ध का असर यहां के टूरिज्म पर भी पड़ा है. कमर्शियल गैस सिलेंडर की किल्लत के कारण व्यापारियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.

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Edited By: Shanu Sharma
देहरादून तक पहुंची कमर्शियल गैस सिलेंडर की किल्लत, महंगे हुए सामान! व्यापारियों की बढ़ी परेशानी
Courtesy: X (@ArunKoslii)

मिडिल ईस्ट तनाव के कारण कमर्शियल गैस सिलेंडर की उपलब्धता बेहद मुश्किल हो गई है. ऐसे में पूरी तरह से टूरिज्म पर निर्भर प्रदेश उत्तराखंड के व्यापारियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. देहरादून के छोटे-छोटे स्टॉल या तो बंद हो रहे हैं या फिर वहां खाने का मैन्यू छोटा हो रहा है. इसके अलावा ग्राहकों के लिए भी स्ट्रीट फूड खाना भी महंगा हो गया है.

शहर की कई दुकानों पर समोसा, मैगी और नूडल्स वाले दुकानदारों ने रेट बढ़ा दिए हैं. 110-15 की चीजें अब 20-25 में मिल रही है. वहां के दुकानदारों का कहना है कि सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं, जिसके कारण हमें मजबूरी में दाम बढ़ाना पड़ रहा है. 

लोगों की बढ़ रही परेशानी

पहाड़ों के रहने वाले कुछ दुकानदारों ने थोड़े दिन की छोटी कर ली है. मोमो, चाउमीन, स्प्रिंग रोल्स और मैगी जैसे फास्ट फूड के दाम भी बढ़ गए हैं. कई मैगी पॉइंट्स पर अब एक प्लेट मैगी पहले से ज्यादा महंगी हो गई है. हालांकि कुछ दुकानदारों ने ग्राहकों को ध्यान में रखते हुए खाने का मात्रा घटना शुरू कर दिया है, ताकी दोनों तरफ से थोड़ा-थोड़ा कंपरमाइज हो सके.  यह संकट आम आदमी को भी परेशान कर रहा है. जो लोग सस्ते स्ट्रीट फूड पर निर्भर थे, अब उन्हें ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं. अम्मा भोजनालय जैसे सस्ते खाने वाले स्थानों पर भी थाली के दाम 20 से 30 रुपये बढ़ गए हैं. 

व्यापारियों ने मांगी मदद 

सरकार द्वारा इस संकट की घरी में कमर्शियल सिलेंडर से पहले घरेलू पर ध्यान दिया जा रहा है. कर्मशियल सिलेंडर के लिए अभी पर्याप्त मात्रा में सप्लाई नहीं पहुंच पा रही है. एक महीने से चल रहे इस युद्ध में आम जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है. व्यापारियों ने स्थानीय प्रशासन से गैस सिलेंडर की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है. उनका कहना है कि अगर उनके इनकम का जरिया ही बंद हो जाएगा तो उनके लिए जीवन और भी ज्यादा कठिन हो जाएगा. हालांकि सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाई हुई है और लोगों को ज्यादा से ज्यादा मदद पहुंचाने की कोशिश की जा रही है.