महंगे ब्रांडेड जूतों की गुणवत्ता को लेकर चंडीगढ़ से एक महत्वपूर्ण फैसला सामने आया है. एक ग्राहक द्वारा खरीदे गए रनिंग शूज एक महीने के भीतर खराब हो गए, जिसके बाद मामला उपभोक्ता आयोग पहुंचा. आयोग ने सुनवाई के बाद कंपनी के खिलाफ फैसला सुनाया.
पंचकुला निवासी अजय मलिक ने अगस्त 2020 में चंडीगढ़ के एलांते मॉल स्थित स्टोर से रनिंग शूज खरीदे थे. जूतों की मूल कीमत 12,999 रुपये थी, लेकिन छूट के बाद उन्हें 6,499 रुपये में खरीदा गया. अजय के अनुसार, खरीद के करीब एक महीने बाद ही जूतों का सोल अलग होने लगा और एड़ी के हिस्से की पेस्टिंग निकल गई. उन्होंने बताया कि जॉगिंग और पैदल चलने के दौरान उन्हें असुविधा होने लगी और दुर्घटना का खतरा भी महसूस हुआ.
शिकायत के बाद ग्राहक स्टोर पहुंचा, जहां शुरुआती स्तर पर उसका दावा स्वीकार कर लिया गया. हालांकि बाद में कंपनी ने जूते बदलने या रकम लौटाने से इनकार कर दिया. ग्राहक का आरोप था कि उसे केवल क्रेडिट वाउचर लेने के लिए कहा गया. दूसरी ओर कंपनी ने अदालत में कहा कि जांच में कोई निर्माण दोष नहीं मिला और एक्सचेंज की पेशकश केवल सद्भावना के तहत की गई थी.
चंडीगढ़ जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने कंपनी की दलीलों को स्वीकार नहीं किया. आयोग ने कहा कि यदि जूतों में कोई खराबी नहीं थी तो शिकायत को शुरू में स्वीकार क्यों किया गया. साथ ही कंपनी कोई तकनीकी रिपोर्ट या विशेषज्ञ राय भी पेश नहीं कर सकी. आयोग ने माना कि महंगे उत्पाद खरीदने वाले उपभोक्ता को गुणवत्ता की उचित उम्मीद होती है. इसके बाद कंपनी को 6,499 रुपये की पूरी राशि 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित लौटाने और मानसिक परेशानी व मुकदमेबाजी खर्च के लिए 10,000 रुपये अतिरिक्त देने का आदेश दिया गया.