देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भारत छोड़ो आंदोलन की वर्षगांठ पर अमर शहीदों और महान स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की. मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए स्वतंत्रता संग्राम में भारत छोड़ो आंदोलन के योगदान को याद किया और देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीरों को नमन किया.
सीएम धामी ने कहा कि भारत छोड़ो आंदोलन की वर्षगांठ पर वह उन अमर शहीदों को कोटि कोटि नमन करते हैं, जिन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सब कुछ बलिदान कर दिया. उन्होंने महान स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को भी याद किया.
भारत छोड़ो आंदोलन की वर्षगांठ पर देश की स्वतंत्रता के लिए सर्वस्व न्योछावर करने वाले अमर शहीदों एवं महान स्वतंत्रता सेनानियों को कोटिशः नमन।
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) August 9, 2026
स्वतंत्रता संग्राम में भारत छोड़ो आंदोलन ने देशवासियों में आजादी की लौ प्रज्वलित करने के साथ ही स्वतंत्रता के अंतिम संघर्ष को निर्णायक… pic.twitter.com/0t9U3QHofg
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान भारत छोड़ो आंदोलन ने देशवासियों के दिलों में आजादी की लौ को और प्रबल किया था. इस आंदोलन ने स्वतंत्रता की अंतिम निर्णायक लड़ाई को एक नई दिशा देने का काम किया. आंदोलन से जुड़े वीर स्वतंत्रता सेनानियों का साहस और त्याग भारतीय इतिहास में हमेशा याद किया जाता रहेगा.
सीएम धामी ने कहा कि भारत छोड़ो आंदोलन के वीर योद्धाओं का बलिदान आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा. उन्होंने देश के स्वतंत्रता सेनानियों के आदर्शों और उनके संघर्ष को याद करते हुए राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया.
भारत छोड़ो आंदोलन भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जाता है. वर्ष 1942 में महात्मा गांधी के नेतृत्व में शुरू हुए इस आंदोलन ने अंग्रेजी शासन के खिलाफ देशव्यापी जनआंदोलन का रूप लिया था. आंदोलन का उद्देश्य अंग्रेजों को भारत से बाहर जाने के लिए मजबूर करना और देश को स्वतंत्रता की ओर निर्णायक रूप से आगे बढ़ाना था.
मुख्यमंत्री धामी की पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर भी स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान और भारत छोड़ो आंदोलन के इतिहास को लेकर चर्चा हो रही है. इस अवसर पर देश के लिए बलिदान देने वाले सभी वीरों को श्रद्धांजलि दी जा रही है.