मसूरी: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मसूरी गोलीकांड की 32वीं बरसी पर अलग राज्य के लिए अपना बलिदान देने वाले अमर शहीदों को श्रद्धांजलि दी. मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि उत्तराखंड राज्य के निर्माण के लिए हुए संघर्ष में मसूरी की धरती पर दिया गया बलिदान राज्य के इतिहास का ऐसा अध्याय है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता.
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि अलग उत्तराखंड राज्य के सपने को साकार करने की लड़ाई में मसूरी की धरती पर कई आंदोलनकारियों ने अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया. उनके बलिदान ने उत्तराखंड राज्य की मांग को लेकर चल रहे जन आंदोलन को नई ताकत दी. शहीद आंदोलनकारियों की कुर्बानी ने राज्य निर्माण के संकल्प को और मजबूत किया.
मसूरी गोलीकांड की 32वीं बरसी पर उत्तराखंड राज्य निर्माण के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले अमर शहीदों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि।
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) September 2, 2026
पृथक उत्तराखंड के सपने को साकार करने की लड़ाई में मसूरी की धरती पर दिया गया बलिदान राज्य के इतिहास का वह अमिट अध्याय है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा… pic.twitter.com/l4FDdVh2il
उन्होंने कहा कि आज का उत्तराखंड उन सभी आंदोलनकारियों के संघर्ष और शहीदों के बलिदान का परिणाम है. अलग राज्य के लिए लंबे समय तक चले आंदोलन में लोगों ने अपनी आवाज बुलंद की और उत्तराखंड को अलग राज्य बनाने की मांग को मजबूती दी.
मुख्यमंत्री ने शहीदों के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनके सपनों के अनुरूप समृद्ध, मजबूत और गौरवशाली उत्तराखंड का निर्माण करना आज की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि यही शहीदों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी.
मसूरी गोलीकांड उत्तराखंड राज्य आंदोलन के इतिहास की महत्वपूर्ण घटनाओं में शामिल है. अलग उत्तराखंड राज्य की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे लोगों पर मसूरी में गोलीबारी हुई थी. इस घटना में कई आंदोलनकारी शहीद हुए थे. उनकी स्मृति आज भी उत्तराखंड के लोगों के बीच राज्य आंदोलन की संघर्ष गाथा से जुड़ी हुई है.
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि शहीदों ने जिस उत्तराखंड की कल्पना की थी, उसे मजबूत बनाने के लिए सरकार और समाज को मिलकर काम करना होगा. विकास, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और बेहतर सुविधाओं के साथ ऐसा उत्तराखंड बनाना जरूरी है, जहां लोगों के सपनों को पूरा करने के अवसर उपलब्ध हों.
उन्होंने राज्य निर्माण आंदोलन के सभी आंदोलनकारियों और शहीदों को नमन करते हुए कहा कि उनकी कुर्बानी उत्तराखंड की आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरणा देती रहेगी. राज्य की प्रगति और जनकल्याण के लिए लगातार काम करना ही उनके बलिदान का सम्मान है.