नैनीताल में बीती रात से हो रही भारी बारिश ने शहर की रफ्तार रोक दी है. बरसाती नालों के उफान पर आने से सड़कों पर पानी भर गया और कई इलाकों में लोगों को परेशानी उठानी पड़ी. झील का जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन ने निकासी गेट खोलकर स्थिति संभालने की कोशिश तेज कर दी है.
लगातार बारिश के कारण नैनी झील में पानी की आवक तेजी से बढ़ी है. झील नियंत्रण कक्ष के प्रभारी रमेश गैड़ा के मुताबिक, सुबह आठ बजे तक पिछले 24 घंटों में 43 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई. इसके बाद भी करीब 50 मिलीमीटर बारिश होने का अनुमान जताया गया. जलस्तर बढ़ने पर सुबह नौ बजे निकासी गेट पांच-पांच इंच खोले गए, लेकिन पानी लगातार बढ़ता रहा. इसके बाद सभी निकासी गेट 18-18 इंच की पूरी क्षमता तक खोल दिए गए. इस मानसून में यह पहला मौका है जब झील के गेट पूरी तरह खोले गए हैं.
मूसलधार बारिश का असर शहर के साथ आसपास के इलाकों में भी दिखाई दिया. बरसाती नालों में पानी बढ़ने के बाद कई जगह सड़कें जलमग्न हो गईं. जिला पंचायत क्षेत्र में नालों का पानी ओवरफ्लो होकर सड़कों से बहता हुआ कुछ घरों तक पहुंच गया, जिससे लोगों को काफी परेशानी हुई. सुबह से जारी तेज बारिश के कारण सामान्य गतिविधियां प्रभावित रहीं. हालात को देखते हुए जिला प्रशासन ने आपदा नियंत्रण केंद्र और संबंधित विभागों को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं. अधिकारियों की नजर लगातार बारिश और जलस्तर की स्थिति पर बनी हुई है.
भारी बारिश के बीच जिले के कई हिस्सों में भूस्खलन और मलबा आने की घटनाएं सामने आई हैं. इसका सीधा असर यातायात व्यवस्था पर पड़ा है. बारिश और मलबे के कारण जिले में कुल 25 सड़क मार्ग बंद हो गए हैं. इनमें पांच राज्य मार्ग और 20 ग्रामीण सड़कें शामिल हैं. सड़कें बंद होने से कई इलाकों की आवाजाही प्रभावित हुई है. संबंधित विभागों की टीमें मौके पर पहुंचकर बुलडोजर की मदद से रास्ते साफ करने में जुटी हैं. प्रशासन की प्राथमिकता बंद मार्गों को जल्द खोलने और बारिश से प्रभावित क्षेत्रों में किसी भी आपात स्थिति से निपटने की है.