उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक बार फिर प्रदेश की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को लेकर श्रद्धालुओं से खास अपील की है. उन्होंने अपने एक्स हैंडल पर पौड़ी गढ़वाल स्थित प्रसिद्ध मां धारी देवी मंदिर का उल्लेख करते हुए इसकी धार्मिक महत्ता को साझा किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि अलकनंदा नदी के तट पर स्थित यह पवित्र मंदिर श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का प्रतीक है. उन्होंने प्रदेश आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों से आग्रह किया कि वे पौड़ी गढ़वाल पहुंचने पर मां धारी देवी के दर्शन अवश्य करें.
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि श्रीनगर (पौड़ी गढ़वाल) में अलकनंदा नदी के किनारे स्थित मां धारी देवी मंदिर लंबे समय से श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बना हुआ है. यहां हर वर्ष बड़ी संख्या में भक्त दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं. मंदिर का धार्मिक महत्व उत्तराखंड के प्रमुख शक्तिपीठों में गिना जाता है.
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां धारी देवी को उत्तराखंड के चारों धामों की संरक्षिका माना जाता है. ऐसी भी मान्यता है कि मां धारी देवी संपूर्ण देवभूमि की रक्षा करती हैं और प्रदेश पर अपनी कृपा बनाए रखती हैं. इसी विश्वास के कारण श्रद्धालुओं की इस मंदिर में गहरी आस्था है.
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा कि श्रीनगर (पौड़ी गढ़वाल) में अलकनंदा नदी के तट पर स्थित मां धारी देवी मंदिर श्रद्धालुओं के लिए अटूट विश्वास का प्रतीक है. उन्होंने मंदिर की धार्मिक महिमा का उल्लेख करते हुए श्रद्धालुओं को इसके दर्शन करने का आग्रह किया.
श्रीनगर (पौड़ी गढ़वाल) में अलकनंदा नदी के तट पर स्थित माँ धारी देवी मंदिर श्रद्धालुओं के लिए अटूट विश्वास का प्रतीक है। ऐसी मान्यता है कि माँ धारी देवी उत्तराखंड के चारों धामों की संरक्षिका हैं तथा सम्पूर्ण देवभूमि की रक्षा करती हैं।
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) July 2, 2026
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मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि जो भी श्रद्धालु या पर्यटक पौड़ी गढ़वाल आएं, वे इस पावन मंदिर के दर्शन अवश्य करें. उनका कहना है कि मां धारी देवी का मंदिर उत्तराखंड की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है और यहां पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को विशेष आध्यात्मिक अनुभव मिलता है.
मुख्यमंत्री के इस संदेश को प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. चारधाम यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उत्तराखंड पहुंचते हैं. ऐसे में मां धारी देवी मंदिर जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों की जानकारी साझा कर श्रद्धालुओं को प्रदेश की आध्यात्मिक विरासत से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है.