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स्कूल बस की लापरवाही ने छीन ली 7 साल के मासूम की सांसे... बस से उतरते ही हादसा

राजस्थान के बीकानेर जिले में स्कूल बस से उतरने के बाद सात साल के छात्र की बस की चपेट में आने से मौत हो गई. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और बस चालक पर कार्यवाही की तैयारी चल रही है.

Meenu Singh
Edited By: Meenu Singh
स्कूल बस की लापरवाही ने छीन ली 7 साल के मासूम की सांसे... बस से उतरते ही हादसा
Courtesy: AI

राजस्थान के बीकानेर जिले से एक दर्दनाक सड़क हादसे ने सभी को झकझोर दिया है. स्कूल से घर लौट रहा सात वर्षीय छात्र बस से उतरने के कुछ ही पल बाद उसी वाहन की चपेट में आ गया. गंभीर हालत में उसे अस्पताल पहुंचाया गया, हालांकि बच्चे ने इलाज के दौरान ही  दम तोड़ दिया.  इस घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. घटना के सामने आते ही पुलिस ने कार्यवाही चालू कर दी है. 

घर पहुंचने से पहले हुआ दर्दनाक हादसा

यह हादसा बीकानेर जिले के जसरासर थाना क्षेत्र में हुआ. सेकेंड क्लास में पढ़ने वाला सात साल का शौर्य रोज की तरह स्कूल बस से अपने गांव लौटा था. बस से उतरने के बाद वह घर की ओर बढ़ रहा था. इसी दौरान ड्राइवर ने बस आगे बढ़ा दिया और मासूम उसकी चपेट में आ गया.

अस्पताल में जिंदगी की जंग

हादसे के तुरंत बाद आसपास मौजूद लोगों और स्कूल कर्मियों ने बच्चे को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया. उसे बीकानेर के PBM अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया. डॉक्टरों ने उसे बचाने की हर संभव कोशिश की लेकिन वह उसे बचा नहीं सके और उसने अस्पताल में इलाज के दौरान अपनी आखिरी सांस ली. बताया जा रहा है कि उसे गंभीर आंतरिक चोटें आई थी. 

परिवार और गांव में पसरा मातम

मासूम की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया. माता-पिता और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. गांव में भी शोक का माहौल है और हर कोई इस घटना से स्तब्ध है.

लोगों ने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की मांग उठाई है. घटना की सूचना मिलते ही जसरासर थाना पुलिस मौके पर पहुंची. परिजनों की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया जा रहा है. 

स्कूल वाहनों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

इस हादसे ने एक बार फिर स्कूल बसों की सुरक्षा व्यवस्था और बच्चों की सुरक्षित आवाजाही को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. अभिभावकों का कहना है कि स्कूल वाहनों के संचालन में अतिरिक्त सतर्कता बरती जानी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो.