उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया पर एक महत्वपूर्ण घोषणा की है. उन्होंने कहा कि वीर सैनिकों का सम्मान डबल इंजन सरकार की पहचान है. राज्य सरकार ने परम वीर चक्र प्राप्त करने वाले बहादुर सैनिकों के लिए एक्स-ग्रेशिया (आर्थिक सहायता) की राशि 50 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.5 करोड़ रुपये करने का ऐतिहासिक फैसला लिया है.
यह फैसला उन सैनिकों के अटूट साहस और देश की रक्षा के लिए दिए गए सर्वोच्च बलिदान को समर्पित है. सीएम धामी ने कहा कि यह निर्णय देशभक्ति, सैनिकों और उनके परिवारों के प्रति सम्मान तथा “नेशन फर्स्ट” की भावना को मजबूत करने का प्रतीक है. उत्तराखंड की डबल इंजन सरकार (केंद्र और राज्य सरकार) सैनिकों और शहीदों के परिवारों के कल्याण के लिए लगातार काम कर रही है.
सैनिकों का सम्मान, डबल इंजन सरकार की पहचान।
राष्ट्र की रक्षा में अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान देने वाले परमवीर चक्र से सम्मानित वीर सैनिकों की अनुग्रह राशि ₹50 लाख से बढ़ाकर ₹1.5 करोड़ करने का हमारी सरकार ने ऐतिहासिक निर्णय लिया। यह निर्णय हमारे वीर सैनिकों और उनके परिवारों… pic.twitter.com/tfeTdvTBit— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) July 2, 2026Also Read
परम वीर चक्र देश का सबसे बड़ा वीरता पुरस्कार है. इसे पाने वाले सैनिकों ने देश की रक्षा में अपनी जान की परवाह नहीं की. पहले उन्हें 50 लाख रुपये की सहायता दी जाती थी. अब इसे तीन गुना बढ़ाकर 1.5 करोड़ रुपये कर दिया गया है. इससे शहीदों के परिवारों को आर्थिक रूप से मजबूत सहारा मिलेगा.
धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व की तारीफ करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर सैनिकों के सम्मान और कल्याण के लिए हर संभव प्रयास कर रही है. उत्तराखंड में सैनिक कल्याण के कई कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं. यह फैसला पूरे देश के सैनिकों और उनके परिवारों के लिए प्रेरणादायक है. राज्य सरकार का यह कदम दिखाता है कि हम अपने वीर सपूतों को कभी नहीं भूलेंगे और उनके परिवारों को हर संभव मदद देंगे.
इस फैसले से उन परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी जिनके सदस्य देश की सेवा में शहीद हुए हैं. उत्तराखंड की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए यहां से बड़ी संख्या में युवा सेना में भर्ती होते हैं. ऐसे में राज्य सरकार का यह निर्णय सैनिकों के मनोबल को बढ़ावा देगा. सीएम पुष्कर सिंह धामी ने सभी सैनिकों और शहीदों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि राष्ट्र की सेवा करने वाले हर सपूत का सम्मान करना हमारा कर्तव्य है.