उत्तराखंड के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल कैंची धाम और पर्यटन नगरी भवाली में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए तैयार किया गया सैनिटोरियम-रातीघाट-दूनीखाल बाईपास अब आम लोगों के लिए खोल दिया गया है. इस मार्ग के शुरू होने से क्षेत्र की यातायात व्यवस्था में महत्वपूर्ण सुधार आने की संभावना जताई जा रही है.
कैंची धाम में हर साल लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं, जबकि भवाली क्षेत्र भी पर्यटन गतिविधियों का प्रमुख केंद्र माना जाता है. ऐसे में मुख्य मार्गों पर लगातार जाम की स्थिति बनी रहती थी, जिससे यात्रियों को घंटों तक परेशानी झेलनी पड़ती थी. नए बाईपास के संचालन से अब बड़ी संख्या में वाहनों को वैकल्पिक मार्ग मिलेगा. इससे मुख्य सड़क पर दबाव कम होगा और स्थानीय निवासियों को भी रोजमर्रा की आवाजाही में सुविधा मिलेगी. प्रशासन को उम्मीद है कि आने वाले पर्यटन और धार्मिक सीजन में इसका सकारात्मक असर दिखाई देगा.
श्री कैंची धाम और भवाली को जाम की समस्या से राहत दिलाने के उद्देश्य से निर्मित सैनिटोरियम–रातीघाट–दूनीखाल बाईपास पर यातायात संचालन शुरू हो गया है।
इसके शुरू होने से क्षेत्रवासियों, व्यापारियों, श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी। साथ ही भवाली और कैंची धाम… pic.twitter.com/XjdAx2eD82— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) June 13, 2026Also Read
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बाईपास शुरू होने के बाद कैंची धाम जाने वाले श्रद्धालुओं को अब लंबे ट्रैफिक जाम में फंसने की संभावना कम रहेगी. पर्यटन सीजन के दौरान नैनीताल, भवाली और आसपास के क्षेत्रों में भारी वाहन दबाव देखने को मिलता है. नए मार्ग के कारण यात्रा का समय घटेगा और सड़क सुरक्षा भी बेहतर होगी. स्थानीय व्यापारियों का मानना है कि सुगम यातायात व्यवस्था से पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, जिससे होटल, रेस्तरां और अन्य कारोबारों को भी फायदा पहुंचेगा.
विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना केवल यातायात समाधान तक सीमित नहीं है, बल्कि क्षेत्रीय विकास की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी. बेहतर सड़क संपर्क से आसपास के गांवों और बाजारों तक पहुंच आसान होगी. इससे व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों के लिए नए अवसर पैदा होंगे. प्रशासन का कहना है कि भविष्य में भी क्षेत्र की जरूरतों को देखते हुए बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए इसी तरह की योजनाओं पर काम जारी रहेगा.