पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को खटीमा में उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें याद किया. इस दौरान धामी ने उनके एकात्म मानववाद और अंत्योदय से जुड़े विचारों का उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है.
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के मौके पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित किए और श्रद्धांजलि दी. उन्होंने पंडित दीनदयाल के जीवन और उनके विचारों को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन दर्शन जनसेवा से जुड़े लोगों के लिए प्रेरणा देता है. पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती 25 सितंबर को मनाई जाती है. इस अवसर पर अंत्योदय के विचार को भी याद किया जाता है, जिसका संबंध समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और कल्याण का लाभ पहुंचाने से है.
धामी ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के कल्याण और उसके जीवन में सुधार को विकास का अहम आधार माना था. मुख्यमंत्री के मुताबिक उनका अंत्योदय का विचार समाज के व्यापक और समावेशी विकास के लिए मार्गदर्शन देता है. उन्होंने कहा कि गरीब, किसान, महिलाएं और युवा समेत समाज के अलग-अलग वर्गों तक विकास का लाभ पहुंचना जरूरी है. मुख्यमंत्री ने पंडित दीनदयाल के एकात्म मानववाद से जुड़े विचारों का भी उल्लेख किया और उनके योगदान को याद किया.
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अंत्योदय की सोच को ध्यान में रखते हुए जनकल्याण से जुड़े काम कर रही है. उनके अनुसार सरकार की कोशिश है कि विकास योजनाओं और कल्याणकारी कार्यक्रमों का फायदा समाज के उस व्यक्ति तक भी पहुंचे, जो सबसे पीछे रह गया है. उन्होंने गरीबों, किसानों, महिलाओं और युवाओं सहित सभी वर्गों के लिए काम करने की बात कही. पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के मौके पर मुख्यमंत्री का यह कार्यक्रम खटीमा में आयोजित हुआ, जहां उन्होंने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर सम्मान व्यक्त किया.