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कैंची धाम प्रतिष्ठा दिवस पर CM धामी ने दी शुभकामनाएं, बाबा नीम करौली महाराज को किया नमन

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कैंची धाम के स्थापना दिवस पर श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दी है. साथ ही बाबा नीम करौली के संदेश को एक बार फिर से याद दिलाया है.

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Edited By: Shanu Sharma
कैंची धाम प्रतिष्ठा दिवस पर CM धामी ने दी शुभकामनाएं, बाबा नीम करौली महाराज को किया नमन
Courtesy: X (@pushkardhami)

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कैंची धाम के प्रतिष्ठा दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों, श्रद्धालुओं और देश-विदेश में बसे बाबा नीम करौली महाराज के भक्तों को शुभकामनाएं दी हैं. मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से साझा किए गए अपने संदेश में बाबा नीम करौली महाराज के आध्यात्मिक योगदान, उनके आदर्शों और मानव सेवा के प्रति उनके समर्पण को याद करते हुए उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया.

मुख्यमंत्री ने कहा कि कैंची धाम केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि श्रद्धा, सेवा और आध्यात्मिक चेतना का ऐसा केंद्र है, जहां हर वर्ष लाखों श्रद्धालु आस्था के साथ पहुंचते हैं. उन्होंने प्रतिष्ठा दिवस को भक्तों के लिए विशेष अवसर बताते हुए सभी के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की.

बाबा नीम करौली महाराज के आदर्श आज भी प्रासंगिक

मुख्यमंत्री धामी ने अपने संदेश में कहा कि बाबा नीम करौली महाराज ने अपने जीवन के माध्यम से भक्ति, सेवा, त्याग और मानव कल्याण का संदेश दिया. उनके विचार और शिक्षाएं आज भी समाज को सकारात्मक दिशा प्रदान कर रही हैं. उन्होंने कहा कि बाबा जी के आदर्श लोगों को निस्वार्थ सेवा, परोपकार और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं.

मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक जीवन की भागदौड़ के बीच भी बाबा नीम करौली महाराज की शिक्षाएं लोगों को आत्मिक शांति और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक बनाती हैं. यही कारण है कि उनके प्रति श्रद्धालुओं की आस्था समय के साथ और अधिक मजबूत होती जा रही है.

देश-विदेश में फैली है कैंची धाम की ख्याति

उत्तराखंड के नैनीताल जनपद में स्थित कैंची धाम आज विश्व स्तर पर अपनी अलग पहचान बना चुका है. हर वर्ष यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर बाबा नीम करौली महाराज के दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करते हैं. देश के विभिन्न राज्यों के अलावा विदेशों से भी बड़ी संख्या में भक्त यहां आते हैं. कैंची धाम की पहचान केवल एक धार्मिक केंद्र के रूप में नहीं, बल्कि आध्यात्मिक ऊर्जा और मानव सेवा के प्रतीक के रूप में भी स्थापित हुई है. वर्षों से यह धाम लोगों को आध्यात्मिक शांति और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन की प्रेरणा देता आ रहा है.