उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यसेवक के रूप में अपने पांच वर्ष पूरे होने पर प्रदेशवासियों के नाम संदेश जारी किया. उन्होंने जनता के विश्वास, सहयोग और आशीर्वाद के लिए आभार व्यक्त करते हुए इस अवधि को सेवा, सुशासन और जनकल्याण के लिए समर्पित बताया. मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में राज्य सरकार ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं. उन्होंने विकास, रोजगार, पारदर्शिता और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने के लिए किए गए कार्यों का उल्लेख करते हुए नए जनसंपर्क अभियान की भी शुरुआत की घोषणा की.
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार ने समान नागरिक संहिता (UCC), सख्त नकल विरोधी कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून, सशक्त भू-कानून और मदरसा बोर्ड समाप्त कर उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के गठन जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लिए. उनके अनुसार इन कदमों से सुशासन और पारदर्शिता को मजबूती मिली.
प्रिय प्रदेशवासियों,
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) July 4, 2026
आप सभी के स्नेह, विश्वास और आशीर्वाद से मुख्यसेवक के रूप में जनसेवा के पाँच वर्ष पूर्ण हुए हैं। सेवा, सुशासन और जनकल्याण की यह यात्रा 1.25 करोड़ उत्तराखंडवासियों के विश्वास, आकांक्षाओं और सहयोग को समर्पित है।
आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के… pic.twitter.com/LEmfAEgiJx
धामी ने बताया कि पूरी पारदर्शिता के साथ 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में अवसर दिए गए. उन्होंने कहा कि मातृशक्ति को सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण प्रदान किया गया. साथ ही युवाओं, किसानों और सैनिकों के हित में कई जनकल्याणकारी फैसले भी लागू किए गए.
मुख्यमंत्री के अनुसार चारधाम यात्रा, धार्मिक पर्यटन और कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए कई परियोजनाओं पर काम किया गया. उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आगमन से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली. इसके अलावा एक लाख करोड़ रुपये से अधिक निवेश की ग्राउंडिंग और 'हाउस ऑफ हिमालयाज' के जरिए स्थानीय उत्पादों को नई पहचान मिली.
धामी ने अपने संदेश में कहा कि राज्य में सौर ऊर्जा, होमस्टे और स्वरोजगार को प्रोत्साहन दिया गया. राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन और सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) में उत्तराखंड के बेहतर प्रदर्शन को भी उन्होंने राज्य की उपलब्धियों में शामिल किया.
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि 'जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार' अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत की जा रही है. उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत सरकार सीधे जनता के बीच पहुंचकर समस्याओं का समाधान करेगी और सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास करेगी. उन्होंने विकसित उत्तराखंड और विकसित भारत के लक्ष्य को लेकर जनता से निरंतर सहयोग की अपील भी की.