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चारधाम यात्रा ने पकड़ी रफ्तार, 114 दिन में 47 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

उत्तराखंड की चारधाम यात्रा मानसून की चुनौतियों के बीच भी रिकॉर्ड की ओर बढ़ रही है. 114 दिनों में 47 लाख से ज्यादा श्रद्धालु धामों के दर्शन कर चुके हैं, जो पिछले साल से काफी ज्यादा है.

Meenu Singh
Edited By: Meenu Singh
चारधाम यात्रा ने पकड़ी रफ्तार, 114 दिन में 47 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
Courtesy: AI

उत्तराखंड में चारधाम यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं का उत्साह लगातार बना हुआ है. बारिश, भूस्खलन और मौसम की चुनौती के बावजूद यात्रा का आंकड़ा 47 लाख के पार पहुंच गया है. इस साल 19 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ यात्रा शुरू हुई थी. 10 अगस्त तक 114 दिनों में 47,02,703 श्रद्धालु चारों धामों में दर्शन कर चुके हैं. सरकार का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मौसम के अनुसार यात्रा संचालित की जा रही है.

पिछले साल से साढ़े चार लाख ज्यादा यात्री पहुंचे

चारधाम यात्रा में इस बार श्रद्धालुओं की संख्या पिछले साल के मुकाबले तेजी से बढ़ी है. 10 अगस्त तक 47,02,703 यात्री दर्शन कर चुके हैं, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 42,34,147 श्रद्धालु पहुंचे थे. यानी इस वर्ष करीब साढ़े चार लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने दर्शन किए हैं.

बदरीनाथ में सबसे ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे

आंकड़ों के अनुसार बदरीनाथ धाम में अब तक 16,12,112 श्रद्धालु पहुंचे हैं. केदारनाथ में 14,50,116, गंगोत्री में 7,37,629 और यमुनोत्री में 6,62,347 यात्रियों ने दर्शन किए हैं. इसके अलावा हेमकुंड साहिब में भी 2,40,499 श्रद्धालुओं ने मत्था टेका है.

मानसून में सुरक्षा पर खास नजर

बारिश के दौरान यात्रा मार्गों पर भूस्खलन का खतरा बढ़ जाता है. इसे देखते हुए संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा जवान तैनात किए गए हैं. यात्रियों के ठहरने और भोजन समेत जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की गई है. प्रशासन मौसम को देखते हुए यात्रा को नियंत्रित तरीके से आगे बढ़ा रहा है.

चौबीस घंटे अलर्ट पर आपदा प्रबंधन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सरकार की पहली प्राथमिकता है. मानसून को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग को चौबीसों घंटे सतर्क रखा गया है. जिलाधिकारियों को भी किसी आपात स्थिति में तुरंत राहत और बचाव शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं. श्रद्धालुओं को मौसम की स्थिति देखकर यात्रा करने की सलाह दी जा रही है.

नए रिकॉर्ड की ओर बढ़ रही यात्रा

चारधाम यात्रा के आंकड़े इस साल श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या की तस्वीर दिखा रहे हैं. सरकार का जोर यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित रखने पर है. भूस्खलन या अन्य आपदा की स्थिति में यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोकने की व्यवस्था की गई है. मानसून की चुनौती के बीच भी यात्रा का यह आंकड़ा नए रिकॉर्ड की उम्मीद जगा रहा है.