देहरादून: उत्तराखंड के युवाओं के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को आसान बनाने की दिशा में राज्य सरकार बड़ी पहल करने जा रही है. मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना-2026 जल्द शुरू होने वाली है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इस योजना को पहले ही मंजूरी दे चुके हैं. अब योजना के विधिवत शुभारंभ के लिए जल्द तिथि तय की जाएगी.
योजना शुरू होने के साथ ही राज्य के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. इसका उद्देश्य युवाओं को गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन और बेहतर अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराना है, ताकि आर्थिक स्थिति या स्थान की वजह से कोई विद्यार्थी अच्छी कोचिंग से वंचित न रहे.
इस योजना का लाभ राज्य के विश्वविद्यालयों के साथ शासकीय और अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों को मिलेगा. विद्यार्थियों को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ऑनलाइन माध्यम से विशेषज्ञ मार्गदर्शन और अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी.
योजना के तहत सिविल सर्विसेज की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को UPSC और PSC जैसी परीक्षाओं के लिए कोचिंग मिलेगी. इसके अलावा CDS सहित रक्षा सेवाओं, बैंकिंग, रेलवे और SSC जैसी परीक्षाओं की तैयारी भी कराई जाएगी. उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश और पात्रता से जुड़ी परीक्षाओं की तैयारी को भी योजना में शामिल किया गया है.
विद्यार्थियों को CAT, MAT, GATE, NET और CSIR-NET जैसी परीक्षाओं के लिए भी निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी. इससे अलग अलग क्षेत्रों में करियर बनाने की तैयारी कर रहे युवाओं को एक ही योजना के माध्यम से कई विकल्पों के लिए मार्गदर्शन मिल सकेगा.
मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना का सबसे बड़ा लाभ उत्तराखंड के दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले विद्यार्थियों को मिलने की उम्मीद है. पहाड़ी इलाकों में रहने वाले छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अक्सर बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है. ऑनलाइन कोचिंग की सुविधा मिलने से उन्हें घर बैठे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और मार्गदर्शन मिल सकेगा.
महंगी निजी कोचिंग का खर्च नहीं उठा पाने वाले विद्यार्थियों के लिए भी यह योजना महत्वपूर्ण मानी जा रही है. सरकार की पहल से युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का बेहतर अवसर मिलेगा और उनके लिए रोजगार तथा उच्च शिक्षा के नए रास्ते खुल सकते हैं.