देहरादून में बिजली की बढ़ती खपत के बीच यूपीसीएल ने ऐसे घरेलू उपभोक्ताओं पर कार्रवाई शुरू की है, जिनका स्वीकृत लोड उनकी वास्तविक जरूरत से कम है. ऊर्जा निगम ने लगातार अधिक खपत दर्ज होने वाले कनेक्शनों की पहचान की है. अब उपभोक्ताओं को समय रहते लोड बढ़ाने की सलाह दी जा रही है.
यूपीसीएल के मुताबिक शहर में करीब 2500 ऐसे उपभोक्ता सामने आए हैं, जिनके कनेक्शनों पर लगातार तीन बिलिंग चक्र में स्वीकृत क्षमता से ज्यादा लोड दर्ज हुआ. पुराने मकानों में कभी सीमित बिजली उपकरणों के हिसाब से कनेक्शन लिया गया था, लेकिन अब घरों में एसी, फ्रिज, गीजर, वॉशिंग मशीन, माइक्रोवेव, इंडक्शन और इलेक्ट्रिक वाहन जैसे उपकरण बढ़ गए हैं. ऐसे में कई उपभोक्ताओं का पुराना स्वीकृत लोड उनकी मौजूदा बिजली जरूरत के मुकाबले काफी कम पड़ रहा है.
ऊर्जा निगम ने उपभोक्ताओं को नोटिस देकर अपनी वास्तविक खपत के अनुसार स्वीकृत लोड बढ़ाने को कहा है. अधिकारियों के अनुसार समय पर लोड संशोधित नहीं कराने पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ सकता है. दक्षिण जोन के अधिकारियों ने बताया कि ऐसे मामलों में डबल फिक्स चार्ज वसूला जा सकता है. केंद्रीय डिविजन में अब तक 980 नोटिस जारी किए जा चुके हैं. उपभोक्ताओं को अपने बिजली बिल में दर्ज लोड और वास्तविक खपत की नियमित जांच करने की सलाह दी गई है.
यूपीसीएल ने स्पष्ट किया है कि नोटिस को नजरअंदाज करना उपभोक्ताओं के लिए भारी पड़ सकता है. जरूरत के मुताबिक लोड नहीं बढ़ाने पर पेनाल्टी लगाने के साथ कनेक्शन काटने जैसी कार्रवाई भी की जा सकती है. अधिकारियों का कहना है कि उपभोक्ता अपने क्षेत्र के बिजलीघर के एसडीओ से संपर्क कर यह पता कर सकते हैं कि उनके घर के लिए कितना स्वीकृत लोड जरूरी है. इससे अनावश्यक शुल्क से बचने के साथ बिजली व्यवस्था पर दबाव भी कम होगा.
यूपीसीएल अधिकारियों के मुताबिक घरों में बिजली से चलने वाले उपकरणों की संख्या तेजी से बढ़ी है. कई परिवार एक साथ कई भारी उपकरणों का इस्तेमाल करते हैं, जिससे पुराने कनेक्शन पर वास्तविक लोड बढ़ जाता है. मोहनपुर डिविजन के अधिकारी अरविंद कुमार ने भी उपभोक्ताओं से जरूरत के अनुसार लोड बढ़ाने की अपील की है. निगम का कहना है कि सही लोड तय होने से बिजली आपूर्ति अधिक सुचारु रहेगी और सिस्टम पर अनावश्यक दबाव घटेगा.