देहरादून: देवभूमि उत्तराखंड में एक दर्दनाक हादसे ने तीर्थ यात्रा की खुशियों को मातम में बदल दिया. पिथौरागढ़ जिले के धारचूला क्षेत्र में आदि कैलाश और पंचाचूली बेस कैंप से लौट रहे श्रद्धालुओं की स्कॉर्पियो पर अचानक पहाड़ी से विशाल चट्टान गिर गई. हादसा इतना भयावह था कि वाहन का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया. इस दुर्घटना में एक किशोर और वाहन चालक की जान चली गई, जबकि चार अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए.
जानकारी के अनुसार राजस्थान के कोटा जिले के रामगंज मंडी से एक परिवार उत्तराखंड की धार्मिक और प्राकृतिक यात्रा पर आया था. परिवार के सदस्य पहले आदि कैलाश और ओम पर्वत के दर्शन कर चुके थे. इसके बाद उन्होंने दारमा घाटी स्थित पंचाचूली बेस कैंप का भ्रमण किया. शुक्रवार को सभी लोग वापस लौट रहे थे, तभी रास्ते में हादसा हो गया.
दोपहर करीब 1:30 बजे धारचूला से लगभग 42 किलोमीटर दूर पंपाबे क्षेत्र में पहाड़ी से एक विशाल बोल्डर नीचे आ गिरा. चट्टान सीधे चलती स्कॉर्पियो के अगले हिस्से पर गिरी. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वाहन बुरी तरह दब गया. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा इतना अचानक हुआ कि किसी को संभलने का मौका नहीं मिला.
हादसे में वाहन के आगे बैठे 15 वर्षीय केशव खंडेलवाल और चालक सुरेंद्र गर्ब्याल की मौके पर ही मौत हो गई. दोनों को गंभीर चोटें आई थीं. दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और राहत दल मौके पर पहुंच गए. मृतकों के परिजनों को भी घटना की जानकारी दे दी गई.
वाहन की पिछली सीटों पर बैठे ऋषभ खंडेलवाल, राघव खंडेलवाल, हनी खंडेलवाल और आयुष खंडेलवाल घायल हो गए. इनमें कुछ यात्रियों की हालत गंभीर बताई जा रही है. सभी घायलों को तत्काल धारचूला संयुक्त अस्पताल पहुंचाया गया. प्राथमिक उपचार के बाद दो घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया.
स्थानीय प्रशासन के अनुसार सोबला-ढांकर सड़क पर चौड़ीकरण कार्य चल रहा है. कुछ दिन पहले इसी क्षेत्र में पहाड़ी दरकने से मार्ग बंद हो गया था. हालांकि मलबा हटाकर यातायात बहाल कर दिया गया था, लेकिन पहाड़ी पर कई बड़े बोल्डर अस्थिर स्थिति में बने हुए थे. माना जा रहा है कि इन्हीं में से एक बोल्डर गिरने से यह हादसा हुआ. प्रशासन ने क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी है.