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'भीतर तक आहत करता है', आखिर क्यों फूट-फूटकर रोने लगे बीजेपी नेता दुष्यंत गौतम?

अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े आरोपों पर भाजपा नेता दुष्यंत गौतम भावुक हुए. एक निजी न्यूज चैनल से बातचीत में उन्होंने साजिश का आरोप लगाया, न्याय पर भरोसा जताया, मानहानि मुकदमे की जानकारी दी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के रुख का समर्थन किया.

Kanhaiya Kumar Jha
'भीतर तक आहत करता है', आखिर क्यों फूट-फूटकर रोने लगे बीजेपी नेता दुष्यंत गौतम?
Courtesy: Social Media

उत्तराखंड: अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़ा मामला एक बार फिर उत्तराखंड की राजनीति के केंद्र में है. इस बीच भाजपा के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय महासचिव दुष्यंत कुमार गौतम उस समय भावुक हो गए, जब उनके नाम को इस प्रकरण से जोड़ा गया. एक निजी न्यूज चैनल से बातचीत के दौरान उन्होंने खुलकर अपनी पीड़ा रखी और कहा कि बिना तथ्य उनके खिलाफ माहौल बनाया गया. उन्होंने सरकार, न्यायपालिका और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के रुख पर भी अपनी बात स्पष्ट की.

मीडिया से बातचीत के दौरान दुष्यंत गौतम की आंखें भर आईं. उन्होंने कहा कि उनका नाम अंकिता भंडारी हत्याकांड से जोड़ना उन्हें भीतर तक आहत करता है. गौतम के अनुसार यह न केवल उनकी छवि पर हमला है, बल्कि उनके परिवार के लिए भी मानसिक पीड़ा का कारण बना. उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि जैसे अंकिता को न्याय मिला, वैसे ही उन्हें भी सच्चाई के आधार पर न्याय मिले.

ऑडियो वीडियो राजनीति पर सवाल

गौतम ने उत्तराखंड में चल रही ऑडियो वीडियो क्लिप की राजनीति को बेहद निंदनीय बताया. उन्होंने कहा कि बिना किसी ठोस सबूत के आरोप लगाकर माहौल खराब किया जा रहा है. उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह के हथकंडे राज्य के विकास को प्रभावित नहीं कर सकते. उनके अनुसार कुछ लोग जानबूझकर भ्रम फैलाकर राजनीतिक लाभ लेना चाहते हैं, लेकिन सच्चाई ज्यादा देर छिप नहीं सकती.

सरकार और सीएम धामी का समर्थन

दुष्यंत गौतम ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के बयान का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि अंकिता के माता पिता से बात करने और उनकी इच्छा के अनुरूप कदम उठाने की बात सीएम की संवेदनशीलता दिखाती है. गौतम के अनुसार बेटी खोने का दर्द जीवन भर रहता है. उन्होंने यह भी कहा कि धामी आपदा हो या संकट, हमेशा जनता के साथ खड़े नजर आए हैं.

साजिश का आरोप और निजी विवाद

अपने नाम को अचानक घसीटे जाने को लेकर गौतम ने इसे सुनियोजित साजिश बताया. उन्होंने कहा कि यह मामला सुरेश राठौर और उनकी तथाकथित पत्नी से जुड़े निजी विवाद से निकला, जिसे राजनीतिक रंग दिया गया. गौतम के अनुसार संबंधित महिला के बयान भी सामने आ चुके हैं, जिनमें दबाव बनाने की बात कही गई है. इससे पूरी कहानी की दिशा स्पष्ट होती है.

न्यायालय में भरोसा और मानहानि केस

गौतम ने बताया कि उन्होंने दो करोड़ रुपये का मानहानि का मुकदमा दायर किया है. उन्होंने कहा कि जिस समय की बातें कही जा रही हैं, उस दौरान वह उत्तराखंड में थे ही नहीं. अदालत का ताजा आदेश उनके लिए नैतिक और कानूनी जीत है. उन्होंने भरोसा जताया कि न्यायपालिका सच्चाई सामने लाएगी और दोषियों को सजा मिलेगी.