उत्तराखंड में सर्दी अब रोज नया रिकॉर्ड बना रही है. पहाड़ी जिलों में रुक-रुक कर बारिश और बर्फबारी जारी है, जबकि मैदानी इलाकों में सुबह की शुरुआत घने कोहरे के साथ हो रही है. मौसम विभाग के ताजा अपडेट के मुताबिक गुरुवार को देहरादून, ऋषिकेश और हरिद्वार जैसे शहरों में कोहरे की मोटी परत छाई रहेगी. इसका सीधा असर सड़क और रेल यातायात पर पड़ने वाला है. दृश्यता में कमी से यात्रियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं.
ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और कुछ जिलों में हल्की बर्फ गिरने के आसार हैं. शाम ढलते ही ठंड का असर तेजी से बढ़ेगा. विशेषज्ञों का कहना है कि तापमान भले ही दिन में थोड़ा ऊपर जाए, लेकिन हवाओं की वजह से ठंड का एहसास कहीं अधिक रहेगा. लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
गुरुवार सुबह देहरादून, हरिद्वार और ऋषिकेश में घना कोहरा यातायात की रफ्तार धीमी कर देगा. हाईवे पर वाहन सामान्य से कम गति में चलते दिख सकते हैं. कोहरे की परत सुबह 9–10 बजे तक और गहरी रह सकती है. ड्राइवरों को फॉग लाइट के इस्तेमाल और सुरक्षित दूरी बनाकर चलने की अपील की गई है. स्थानीय प्रशासन ने भी कोहरे वाले रूट पर निगरानी बढ़ा दी है. यात्रियों को सलाह है कि सुबह निकलते समय अतिरिक्त समय लेकर चलें, ताकि देरी के बावजूद सफर सुरक्षित रहे.
उत्तरकाशी और चमोली जैसे ऊंचाई वाले जिलों में तापमान -4°C तक गिरने की संभावना है. कुछ इलाकों में पाला जम सकता है, जिससे सुबह की सतह फिसलन भरी हो सकती है. हल्की बर्फबारी के कारण पर्यटक स्थलों पर सफेद परत दिख सकती है. रात के समय तापमान 0°C के करीब या उससे नीचे जा सकता है. विशेषज्ञों का कहना है कि ऊंचाई पर सक्रिय बादल बर्फ की हल्की गतिविधि को बनाए रखेंगे. ठंडी हवाएं घाटियों में गलन बढ़ा रही हैं.*
मैदानी क्षेत्रों में शीतलहर का प्रभाव स्थिर है. पछुआ और बर्फीली हवाओं की वजह से ठंड शरीर में अधिक चुभन महसूस करा रही है. दोपहर में धूप निकलने के बावजूद राहत सीमित रहेगी. हवा में मौजूद नमी गलन को तेज कर रही है. खुले में काम करने वाले लोगों के लिए यह दौर चुनौतीपूर्ण रहेगा. मौसम विभाग ने गर्म कपड़े पहनने, बच्चों और बुजुर्गों को अतिरिक्त देखभाल देने और रात में अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है.
पिथौरागढ़, बागेश्वर, रुद्रप्रयाग और चमोली जैसे पहाड़ी जिलों में सुबह का तापमान 1 से 3°C के बीच रहने का अनुमान है. ऊंचाई बढ़ने के साथ ठंड का स्तर और तेज़ हो रहा है. सुबह की हवा बर्फीली परत लिए हुए महसूस हो रही है. स्थानीय निवासियों के अनुसार ठंड का असर अब सामान्य से कहीं अधिक है. सुबह के समय जल स्रोतों और वाहन सतहों पर ओस और हल्का पाला देखा जा सकता है. मौसम शुष्क रहते हुए भी ठंड चरम पर है.
पहाड़ों में रात का तापमान 0 से -4°C तक जा सकता है. वहीं, मैदानी क्षेत्रों में यह 3–5°C के बीच रहेगा. कोहरे और हवाओं के असर से ठंड वास्तविक तापमान से अधिक महसूस होगी. बढ़ी नमी से हाड़ कंपाने वाली सर्दी बनी हुई है. किसानों को फसलों को पाले से बचाने की तैयारी रखने को कहा गया है. स्वास्थ्य विभाग ने भी ठंड जनित समस्याओं के लिए अलर्ट रहने को कहा है. फिलहाल राज्य में ठंड और कोहरा दोनों साथ–साथ प्रभाव दिखा रहे हैं.