उत्तराखंड में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है. पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव कमजोर पड़ने के बावजूद पहाड़ी क्षेत्रों में ठंड, बारिश और बर्फबारी का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. केदारनाथ धाम में हुई ताजा बर्फबारी ने ठंड को और बढ़ा दिया है. वहीं, मैदानी जिलों में कोहरा और शीत दिवस जैसे हालात बने हुए हैं. मौसम विभाग ने आज भी कई जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है.
केदारनाथ धाम में सोमवार को तेज बर्फबारी दर्ज की गई, जो लगातार चौथे दिन भी जारी रही. हिमपात के कारण केदार घाटी का तापमान शून्य से नीचे चला गया है. चारों ओर जमी बर्फ से क्षेत्र का दृश्य बेहद मनोरम हो गया है, लेकिन कड़ाके की ठंड ने हालात मुश्किल बना दिए हैं. बर्फ जमने से आवाजाही और पुनर्निर्माण कार्यों पर भी असर पड़ रहा है.
मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जिलों में हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है. 2800 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में हिमपात के आसार हैं. इन क्षेत्रों में ठंडी हवाओं के साथ तापमान में और गिरावट देखी जा सकती है. प्रशासन ने स्थानीय लोगों और यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी है.
राज्य के मैदानी जिलों में मौसम शुष्क बना रह सकता है, लेकिन सुबह और रात के समय घना कोहरा परेशानी बढ़ा सकता है. देहरादून, हरिद्वार, उधम सिंह नगर, नैनीताल, चंपावत और पौड़ी में कोहरे और पाले को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है. कम दृश्यता के कारण सड़क और रेल यातायात प्रभावित होने की आशंका है.
सोमवार को देहरादून का अधिकतम तापमान 20.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, लेकिन ठंडी हवाओं के कारण ठंड का असर बना रहा. पर्वतीय क्षेत्रों में शीतलहर के चलते न्यूनतम तापमान तेजी से गिरा है. केदारनाथ और आसपास के इलाकों में अत्यधिक ठंड से जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो रहा है.
#WATCH | Uttarakhand: Kedarnath Dham witnesses the second snowfall of this winter.
— ANI (@ANI) January 5, 2026
(Video: Kedarnath Temple Committtee) pic.twitter.com/txAZctaThH
चमोली जिले की नीति घाटी और द्रोणागिरी की पहाड़ियों में बर्फबारी के बाद ठंड और बढ़ गई है. नलों में पानी जमने लगा है, जिससे स्थानीय लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. वहीं, बर्फ से ढकी पहाड़ियों को देखने के लिए पर्यटकों की संख्या में इजाफा हुआ है. प्रशासन ने मौसम को देखते हुए सावधानी बरतने की अपील की है.