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India Daily

Kishau Dam Project: 11 साल से अटका 15 हजार करोड़ का प्रोजेक्ट, किसाऊ बांध परियोजना पर आज अमित शाह करेंगे अहम बैठक

करीब 11 वर्षों से अटकी 15,000 करोड़ रुपये की किसाऊ बांध परियोजना एक बार फिर चर्चा में है. गृह मंत्री अमित शाह आज इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लेकर अहम बैठक करने जा रहे हैं.

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Edited By: Reepu Kumari
Kishau Dam Project: 11 साल से अटका 15 हजार करोड़ का प्रोजेक्ट, किसाऊ बांध परियोजना पर आज अमित शाह करेंगे अहम बैठक
Courtesy: ANI

उत्तर भारत की सबसे महत्वपूर्ण बहुउद्देशीय परियोजनाओं में गिने जाने वाले किसाऊ बांध प्रोजेक्ट पर आज सबकी नजरें टिकी हैं. वर्षों से चली आ रही असहमति के कारण यह परियोजना जमीन पर नहीं उतर सकी, जबकि इससे कई राज्यों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने की संभावना है.

गृह मंत्री अमित शाह आज इस मुद्दे पर महत्वपूर्ण बैठक करेंगे. इसमें उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ परियोजना से जुड़े अन्य राज्यों के मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव भी भाग लेंगे. माना जा रहा है कि लंबे समय से अटके कई मुद्दों पर आज सहमति बन सकती है.

छह राज्यों की उम्मीदों से जुड़ा प्रोजेक्ट

किसाऊ बांध परियोजना देहरादून और हिमाचल प्रदेश की सीमा पर टोंस नदी पर प्रस्तावित है. 660 मेगावाट क्षमता वाले इस प्रोजेक्ट से उत्तराखंड को 350 मेगावाट बिजली मिलने का अनुमान है. इसके अलावा दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश को अतिरिक्त पेयजल और सिंचाई सुविधाओं का लाभ मिलने की उम्मीद है.

वर्षों से क्यों अटका हुआ है मामला

परियोजना का निर्माण कार्य 2015 के आसपास शुरू होने की उम्मीद थी, लेकिन राज्यों के बीच विभिन्न मुद्दों पर सहमति नहीं बन सकी. जल बंटवारे और वित्तीय भागीदारी को लेकर लगातार बातचीत होती रही. हालांकि वर्ष 2018 में परियोजना को पर्यावरण और वन विभाग की मंजूरी मिल चुकी थी, फिर भी निर्माण की दिशा में अपेक्षित प्रगति नहीं हो पाई.

वित्तीय हिस्सेदारी बनी सबसे बड़ी चुनौती

परियोजना के रास्ते में सबसे बड़ा अवरोध वित्तीय योगदान को लेकर सामने आया. हाल की बैठकों में हिमाचल प्रदेश ने स्पष्ट किया था कि वह परियोजना का निर्धारित खर्च वहन करने की स्थिति में नहीं है. राज्य की ओर से केंद्र सरकार से अधिक वित्तीय सहयोग देने की मांग भी उठाई गई थी, जिससे सहमति बनने में देरी हुई.

हालिया बातचीत से बढ़ीं उम्मीदें

कुछ दिन पहले उत्तराखंड के सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज और हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंद्र गुप्ता के बीच इस परियोजना को लेकर चर्चा हुई थी. बैठक को सकारात्मक माना गया था. अब उसी क्रम में होने वाली आज की उच्चस्तरीय बैठक से उम्मीद की जा रही है कि 11 वर्षों से लंबित इस परियोजना के भविष्य को नई दिशा मिल सकती है.