लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने तीन तलाक और एसिड अटैक जैसी सामाजिक त्रासदियों का शिकार हुई महिलाओं को मुख्यधारा में लाने का बड़ा फैसला लिया है. सीएम योगी के निर्देश पर इन पीड़ित महिलाओं का पूरा डाटा तैयार किया जा रहा है ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ प्राथमिकता से दिया जा सके. साथ ही निराश्रित महिलाओं को भी इन योजनाओं से जोड़ा जाएगा.
योगी सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लगातार काम कर रही है. अब तीन तलाक पीड़ित, एसिड अटैक पीड़ित और बेसहारा महिलाओं को सम्मानजनक जीवन देने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं. इन महिलाओं को प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना से जोड़ने की तैयारी तेज कर दी गई है.
मुख्यमंत्री के निर्देश पर महिला कल्याण विभाग ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी है. विभाग स्तर पर तीन तलाक और एसिड अटैक से प्रभावित महिलाओं तथा निराश्रित महिलाओं का विस्तृत डाटा एकत्रित किया जा रहा है. सत्यापित जानकारी के आधार पर पात्र महिलाओं की सूची तैयार की जाएगी. शासन स्तर पर जरूरी शासनादेश (जीओ) और दिशा-निर्देश भी जारी किए जा रहे हैं.
सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र महिला जानकारी के अभाव या प्रक्रिया की जटिलता के कारण योजनाओं से वंचित न रहे. इसके लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा रहा है.
आवास योजनाओं के तहत मकान
स्वास्थ्य बीमा के तहत मुफ्त इलाज
अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ
इस पहल से हजारों महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत होने में मदद मिलेगी. वे आत्मनिर्भर बन सकेंगी और सम्मान के साथ जीवन बिता सकेंगी. सीएम योगी आदित्यनाथ का स्पष्ट निर्देश है कि पीड़ित महिलाओं को योजनाओं का लाभ समय पर और बिना किसी परेशानी के मिलना चाहिए. अधिकारियों को इस काम को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के लिए कहा गया है.
यह फैसला महिलाओं के प्रति योगी सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है. समाज की कमजोर वर्ग की महिलाओं को सुरक्षा, सम्मान और सहारा देने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है. प्रदेश की लाखों महिलाएं अब उम्मीद की किरण देख रही हैं.