स्विमिंग पूल, सखी से लेकर सीक्रेट एरिया तक...आध्यात्मिकता के पीछे छिपी लग्जरी; लेखिका भूमिका द्विवेदी ने लगाए अविमुक्तेश्वरानंद के मठ पर सनसनीखेज आरोप

लेखिका भूमिका द्विवेदी ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के वाराणसी मठ की लग्जरी के बारे में गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसमें सीक्रेट कमरे, स्विमिंग पूल और सख्त कंट्रोल शामिल हैं. इन आरोपों की अभी पुष्टि नहीं हुई है और सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी.

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Km Jaya

वाराणसी: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की मुश्किलें तब बढ़ गईं जब उनके खिलाफ यौन शोषण और पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया. लेखिका भूमिका द्विवेदी जिन्होंने 2022 में अविमुक्तेश्वरानंद के वाराणसी मठ में दो महीने बिताए थे, अब सामने आई हैं और कई सनसनीखेज दावे किए हैं. उनका दावा है कि मठ में एक शानदार माहौल एक स्विमिंग पूल और सीक्रेट और रहस्यमयी कमरे हैं, जिन्हें 'स्वामीजी की सखी' कंट्रोल करती हैं और किसी को भी अंदर जाने की इजाजत नहीं है.

लेखिका भूमिका द्विवेदी ने बताया कि वह 2022 में लगभग दो महीने वाराणसी के विद्या मठ में रहीं. उनका मकसद काशी और प्रयाग के बारे में रिसर्च करना और लिखना था, जिसके लिए स्वरूपानंद सरस्वती ने उन्हें हिम्मत दी थी. हालांकि, मठ के अंदर उन्होंने जो देखा, उससे उनकी राय बदल गई. 

लेखिका ने क्या किया दावा?

भूमिका ने दावा किया कि मठ एक आध्यात्मिक केंद्र जैसी सादगी से ज्यादा लग्जरी के बारे में है. इसमें एयर कंडीशनर, LED टेलीविजन और महंगे कारपेट से सजा हुआ एक शानदार माहौल है. मठ के अंदर के हॉल इतने शानदार हैं कि वे चकाचौंध कर देने वाले हैं.

उन्होंने दावा किया कि मठ पर पूरी तरह से सखी का कंट्रोल है. एक महिला ने मुस्कुराते हुए खुद को स्वामीजी की सखी बताया, जो वहां एक सुप्रीम अथॉरिटी की तरह रहती है. मठ के अंदर कुछ एरिया और कमरे हैं जहां किसी को भी जाने की इजाजत नहीं है. इन्हें 'दीदी का एरिया' कहा जाता है. वहां एक लिफ्ट है और पब्लिक एंट्री पूरी तरह से मना है.

मठ के अन्दर और क्या - क्या है?

भूमिका के मुताबिक मठ में कमरों के अलावा एक सीक्रेट दरवाजा भी है, जिस पर CCTV कैमरे से नजर रखी जाती है. इस सिक्योरिटी सिस्टम का पूरा एक्सेस सिर्फ सखी को है. उसने यह भी दावा किया कि मठ की जगह पर एक स्विमिंग पूल है लेकिन कहा कि मठ में रहने वाले बच्चे या युवा साधु वहां नहाते नहीं हैं.

लेखिका ने क्या लगाया आरोप?

लेखिका का आरोप है कि बहुत गरीब परिवारों के युवा साधुओं से मठ में बहुत मेहनत करवाई जाती है. मैनेजर और रसोइए उनका सामान भी चुरा लेते हैं. उसने दावा किया कि एक 8 साल की बटुक ने फोटो खिंचवाने से मना कर दिया, यह कहते हुए कि 'स्वामी श्री' ने बाहर किसी के साथ फोटो न खिंचवाने का आदेश दिया है.

क्या है वहां का रिवाज?

मठों में आम तौर पर सुबह 4 बजे उठने और कड़े नियमों का पालन करने का रिवाज होता है, लेकिन भूमिका का दावा है कि इस मठ में लोग अपनी मर्जी से उठते हैं और उसने कोई सख्त धार्मिक रूटीन नहीं माना. उसने दावा किया कि मठ के मैनेजर मिश्रा ने कथित तौर पर उससे कहा, 'हर आदमी की अपनी जरूरतें होती हैं; वह यहां आराम करने आता है.' मैनेजर ने महिला को स्वामीजी का दोस्त भी बताया.