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कौन हैं IAS चंद्र प्रकाश सिंह जो फिर साइबर ठगों के निशाने पर आए? जानिए फर्जी फेसबुक प्रोफाइल वाले फर्जीवाड़े की पूरी कहानी

मथुरा के जिलाधिकारी आईएएस चंद्र प्रकाश सिंह के नाम और फोटो का इस्तेमाल कर साइबर ठगों ने फर्जी फेसबुक प्रोफाइल बनाई.

Ashutosh
Edited By: Ashutosh Rai
कौन हैं IAS चंद्र प्रकाश सिंह जो फिर साइबर ठगों के निशाने पर आए? जानिए फर्जी फेसबुक प्रोफाइल वाले फर्जीवाड़े की पूरी कहानी
Courtesy: Facebook

उत्तर प्रदेश के मथुरा के जिलाधिकारी आईएएस चंद्र प्रकाश सिंह एक बार फिर साइबर ठगों के निशाने पर आ गए हैं. इस बार उनके नाम और तस्वीर का इस्तेमाल कर फर्जी फेसबुक प्रोफाइल बनाई गई. ठगों ने लोगों को झांसे में लेकर पैसे मांगने की कोशिश की लेकिन मामला समय रहते पकड़ में आ गया.

फर्जी फेसबुक प्रोफाइल बनाकर ठगी की कोशिश

साइबर ठगों ने जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह के नाम और फोटो का इस्तेमाल करते हुए फेसबुक पर एक फर्जी अकाउंट तैयार किया. इसके बाद उनके परिचितों और स्थानीय लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी गई. अखिल भारत हिंदू महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष पंडित संजय हरियाणा ने बताया कि उन्होंने प्रोफाइल को असली समझकर रिक्वेस्ट स्वीकार कर ली. बाद में मैसेंजर पर बातचीत शुरू हुई और ठग ने उनका मोबाइल नंबर मांगा. इसके बाद उसने खुद को डीएम का परिचित बताते हुए एक सीआरपीएफ अधिकारी का फर्नीचर और अन्य सामान सस्ते में बेचने का बहाना बनाया. बातचीत पर शक होने के बाद संजय हरियाणा ने सीधे जिलाधिकारी से संपर्क किया, जिससे पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हो गया.

2012 बैच के आईएएस हैं चंद्र प्रकाश सिंह

आईएएस चंद्र प्रकाश सिंह उत्तर प्रदेश कैडर के 2012 बैच के अधिकारी हैं. उनका जन्म 7 अगस्त 1970 को हुआ था. वर्तमान में वह मथुरा के जिलाधिकारी के रूप में कार्यरत हैं. इससे पहले वह बुलंदशहर, कासगंज और गाजियाबाद जैसे जिलों में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं. यह पहला मौका नहीं है जब साइबर ठगों ने उनके नाम का गलत इस्तेमाल किया हो. जून 2025 में उनके नाम से फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट बनाकर जिला उद्यान अधिकारी से 50 हजार रुपये मांगने की कोशिश की गई थी. इसके बाद वियतनाम और लाओस के विदेशी नंबरों से भी उनके नाम पर ठगी का प्रयास सामने आ चुका है.

मामले की जांच शुरू

मामले के सामने आने के बाद जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने लोगों से सोशल मीडिया पर पूरी सावधानी बरतने की अपील की है. उन्होंने कहा कि किसी भी संदिग्ध मैसेज, कॉल या सोशल मीडिया प्रोफाइल पर बिना पुष्टि किए भरोसा न करें. कोई व्यक्ति उनके नाम से पैसे मांगता है तो तुरंत इसकी जानकारी पुलिस या प्रशासन को दें. डीएम के निर्देश पर पूरे मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और साइबर टीम फर्जी प्रोफाइल बनाने वाले लोगों की पहचान में जुटी है. पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने के लिए तकनीकी जांच की जा रही है.