अयोध्या: अयोध्या के राम मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था उस समय सतर्क हो गई, जब एक व्यक्ति को परकोटे के पास नमाज पढ़ने की कोशिश करते हुए पकड़ा गया. आरोपी की पहचान जम्मू कश्मीर के शोपियां जिले के 55 वर्षीय अहद शेख के रूप में हुई है. इस घटना के बाद स्थानीय पुलिस के साथ साथ केंद्रीय सुरक्षा बल और खुफिया एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं. आरोपी अयोध्या क्यों आया और उसका उद्देश्य क्या था, इन सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं.
सुरक्षा बलों ने हिरासत में लिए गए शख्स के पास से जो आधार कार्ड बरामद किया, उस पर उसका नाम अहद शेख दर्ज है. पता जम्मू कश्मीर के शोपियां जिले का बताया गया है. दस्तावेजों की प्रारंभिक जांच के बाद एजेंसियों ने उसकी पहचान की पुष्टि की. इसके साथ ही उसके मोबाइल और निजी सामान की भी बारीकी से जांच की जा रही है, ताकि उसकी गतिविधियों और संपर्कों का पता लगाया जा सके.
सूत्रों के मुताबिक अहद शेख मंदिर परिसर के दक्षिणी परकोटे के पास पहुंचा था. वहां उसने कपड़ा बिछाकर नमाज पढ़ने की कोशिश की. इस हरकत पर वहां तैनात सुरक्षा कर्मियों की नजर पड़ी और उन्होंने तत्काल उसे रोक लिया. बिना किसी देरी के उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई. घटना के बाद परिसर की सुरक्षा और सख्त कर दी गई.
हिरासत में लेने के बाद आरोपी से सीआरपीएफ, एसएसएफ और एनआईए समेत कई एजेंसियों ने पूछताछ की. सूत्रों का कहना है कि पूछताछ के दौरान वह लगातार भ्रामक जवाब देने की कोशिश कर रहा है. इसी वजह से उसकी बातों का सत्यापन अलग अलग माध्यमों से किया जा रहा है. शोपियां स्थित उसके घर पर भी स्थानीय सुरक्षा एजेंसियों ने संपर्क कर जानकारी जुटाई है.
जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि अहद शेख इस घटना में अकेला था या किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा. कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने उसके आसपास कंबल बेचने वाले कुछ लोगों की मौजूदगी की बात कही है. हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. उसके बैग से मिले सामान की जांच कर यह समझने की कोशिश की जा रही है कि उसकी यात्रा का असली उद्देश्य क्या था.
अब तक जिला प्रशासन या पुलिस की ओर से कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है. अधिकारी जांच प्रभावित न हो, इसलिए सतर्कता बरत रहे हैं. राम मंदिर ट्रस्ट भी इस पूरे मामले पर फिलहाल मौन है. इस घटना के बाद अयोध्या में सुरक्षा व्यवस्था की दोबारा समीक्षा की गई है और मंदिर परिसर में निगरानी और बढ़ा दी गई है. जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी.