नोएडा: उत्तर प्रदेश के नोएडा फेज 2 में तनाव बहुत ज्यादा बढ़ चुका है. यहां पर फैक्टरी कर्मचारियों ने वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया. यह प्रदर्शन बेहद ही हिंसक हो चुका है. प्रदर्शनकारियों ने गाड़ियों में तोड़फोड़ की, संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया और पत्थरबाजी की, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई.
भीड़ को कंट्रोल करने के लिए पुलिस मौके पर पहुंच गई. लोगों को रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया. वहीं, स्थिति को काबू में करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है. विरोध प्रदर्शन कर रहे कर्मचारी कई सुविधाओं की मांग कर रहे हैं.
#WATCH उत्तर प्रदेश: नोएडा के फेज़ 2 में गाड़ियों और प्रॉपर्टी में तोड़फोड़ की गई और पत्थर फेंके गए, जहाँ एक कंपनी के कर्मचारी सैलरी बढ़ाने की अपनी मांगों को लेकर विरोध करने के लिए इकट्ठा हुए थे। हालात को काबू में करने के लिए यहाँ भारी पुलिस तैनात की गई है। अधिक जानकारी की… pic.twitter.com/xrUhuSvTKH
— ANI_HindiNews (@AHindinews) April 13, 2026Also Read
स्थिति को कंट्रोल करने के लिए नोएडा प्राधिकरण में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की, जिसमें प्रमुख सचिव (श्रम) और श्रम आयुक्त, उत्तर प्रदेश ने वर्चुअली भाग लिया और श्रमिकों के हितों की सुरक्षा, ओवरटाइम के लिए दोगुना भुगतान, बोनस, साप्ताहिक अवकाश तथा कार्यस्थल सुरक्षा सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा की.
औद्योगिक शांति बनाए रखने के हेतु नोएडा प्राधिकरण में महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई,जिसमें प्रमुख सचिव(श्रम)एवं श्रम आयुक्त,उ0प्र0 ने वर्चुअल रूप से प्रतिभाग करते हुए श्रमिकों के हितों की सुरक्षा, ओवरटाइम का दोगुनाभुगतान,बोनस,साप्ताहिकअवकाश एवंकार्यस्थल सुरक्षा सहित विषयों पर चर्चाकी pic.twitter.com/Ui7XaDGHai
— DM NOIDA Gautam Buddha Nagar (@dmgbnagar) April 12, 2026
कर्मचारी कई सुविधाओं की मांग कर रहे थे, जिनमें बोनस पेमेंट, वीकली छुट्टियां, ओवरटाइम सैलरी और समय पर सैलरी मिलना शामिल था. वे यौन उत्पीड़न समिति, शिकायत निवारण प्रकोष्ठ और सही सैलरी स्लिप्स के गठन की भी मांग कर रहे थे. बता दें कि हिंसा से ठीक एक दिन पहले, नोएडा के जिलाधिकारी ने इंडस्ट्रियल सेक्टर में शांति बनाए रखने के लिए श्रम विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक हाई लेवल बैठक की थी.
अधिकारियों ने आश्वासन देते हुए कहा है कि इन मुद्दों को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने की कोशिश की जा रही है. बता दें कि यह घटना नोएडा में इंडस्ट्रियल कर्मचारियों के बीच सही सैलरी और काम करने की बेहतर स्थितियों को लेकर बढ़ रही परेशानियों को दिखाती है.