लखनऊ: वाराणसी एक बार फिर ऐतिहासिक आयोजन का गवाह बनने जा रहा है. भारतीय वायुसेना के स्थापना दिवस के अवसर पर गंगा के ऊपर तीन दिनों तक भव्य एयर शो आयोजित किया जाएगा. इस कार्यक्रम का सबसे खास आकर्षण अंतिम दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी होगी. आयोजन को लेकर प्रशासन और वायुसेना ने तैयारियां तेज कर दी हैं. एयर शो के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए कई अहम फैसले लिए गए हैं. निर्धारित समय में राजघाट पुल पर सड़क और रेल यातायात रोका जाएगा, जबकि गंगा में नाव संचालन भी पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा. प्रशासन का अनुमान है कि कार्यक्रम देखने के लिए लाखों लोग वाराणसी पहुंच सकते हैं.
भारतीय वायुसेना का यह एयर शो 22, 23 और 25 अक्टूबर को आयोजित होगा. नमो घाट से अस्सी घाट तक गंगा के ऊपर लड़ाकू विमान और हेलीकॉप्टर हवाई करतब प्रस्तुत करेंगे. अधिकारियों के अनुसार प्रदर्शन प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से 2 बजे के बीच होगा और लगभग डेढ़ घंटे तक चलेगा. एक समय में तीन से पांच एयरक्राफ्ट आसमान में प्रदर्शन करेंगे.
एयरफोर्स अधिकारियों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के साथ बैठक कर कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की है. जानकारी के अनुसार इस आयोजन में 100 से अधिक एयरक्राफ्ट शामिल किए जाने की तैयारी है. इनमें आधुनिक और पुराने लड़ाकू विमान के साथ हेलीकॉप्टर भी शामिल होंगे. विमानों की अंतिम सूची पर अभी विचार जारी है.
मुख्य आयोजन स्थल नमो घाट को 16 अक्तूबर से एयरफोर्स के नियंत्रण में सौंप दिया जाएगा. यहीं से पूरे कार्यक्रम का संचालन, प्रसारण और एयर ट्रैफिक की निगरानी की जाएगी. इस अवधि में आम लोगों के प्रवेश पर रोक रहेगी. प्रशासन का अनुमान है कि आयोजन में 15 से 25 लाख लोगों की भीड़ पहुंच सकती है.
एयर शो के दौरान राजघाट पुल पर दो घंटे के लिए सड़क और रेल यातायात बंद रहेगा. इसके साथ ही गंगा में नावों का संचालन भी रोका जाएगा. घाटों पर पुलिस और अर्द्धसैनिक बल तैनात रहेंगे. सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए चंदौली, गाजीपुर और जौनपुर से भी प्रशासनिक और पुलिस बल की सहायता ली जाएगी.
जिला प्रशासन के अनुसार तीन दिवसीय आयोजन में 5,000 से अधिक वीआईपी अतिथि और विशेष पर्यटकों के शामिल होने की संभावना है. उनके आवागमन, सुरक्षा, ठहरने और अन्य व्यवस्थाओं की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं. आयोजन को सफल बनाने के लिए पर्यटन और अन्य संबंधित विभागों को भी जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं.