नई दिल्ली: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को शुक्रवार तड़के इस्लामाबाद के एक अस्पताल में शिफ्ट किया गया है. उनकी सेहत को लेकर चिंता बढ़ने के बाद यह कदम उठाया गया. 73 वर्षीय पूर्व क्रिकेटर और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के संस्थापक को अडियाला जेल से शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल ले जाया गया. PTI प्रवक्ता जुल्फी बुखारी ने एएफपी से पुष्टि करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन किया गया है.
इमरान खान 2018 से 2022 तक प्रधानमंत्री रहे थे. अविश्वास प्रस्ताव के बाद उन्हें सत्ता से हटाया गया था. बाद में भ्रष्टाचार के एक मामले में उन्हें और उनकी पत्नी बुशरा बीबी को 17 साल की सजा हुई. 2023 से वे अडियाला जेल में बंद हैं.
पार्टी का कहना है कि आरोप फर्जी और राजनीतिक वजह से लगाए गए हैं. उनकी सेहत खराब होने के दावे बार-बार किए जा रहे थे. कुछ अफवाहें मौत की भी उड़ी थीं, लेकिन अस्पताल शिफ्ट होने से समर्थकों को राहत मिली. कई लोग शिफा अस्पताल के बाहर जमा होकर उनका समर्थन कर रहे थे.
पाकिस्तान सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की है. मंगलवार को कोर्ट ने निजी अस्पताल में इलाज के लिए शिफ्ट करने का आदेश दिया था. सरकार इसे संशोधित करने की मांग कर रही है. प्रधानमंत्री के राजनीतिक मामलों के सलाहकार राना सनाउल्लाह ने कहा कि इमरान खान को दिया गया यह राहत कानून के अनुसार नहीं है. सरकार ने फिर से याचिका दायर की है.
PTI का कहना है कि सरकार को याचिका वापस लेनी चाहिए. महासचिव सलमान अकरम राजा ने कहा कि 18 अगस्त के सुप्रीम कोर्ट आदेश का पालन करने में कोई बहाना नहीं होना चाहिए. इमरान खान को तुरंत शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल में स्थानांतरित किया जाना चाहिए. पार्टी लगातार उनकी जान को खतरा होने का दावा कर रही है. अब आगे की सुनवाई का इंतजार है.