राष्ट्र की एकता और अखंडता के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले महान व्यक्तित्वों को याद करना केवल श्रद्धांजलि देना नहीं, बल्कि उनके विचारों और आदर्शों को आत्मसात करना भी है. इसी भावना के साथ उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया और उनके योगदान को देश के लिए प्रेरणास्रोत बताया.
मुख्यमंत्री धामी ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर साझा संदेश में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को राष्ट्र की एकता, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय स्वाभिमान का प्रखर प्रहरी बताया. उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी का जीवन और उनका त्याग आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति और राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करता रहेगा.
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने हमेशा राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी. देश की अखंडता और एकजुटता के लिए उनका संघर्ष भारतीय राजनीति और सार्वजनिक जीवन में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में याद किया जाता है. उनके विचार आज भी लाखों लोगों को राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करते हैं.
राष्ट्र की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक चेतना के प्रखर पुरोधा, भारतीय जनसंघ के संस्थापक, महान शिक्षाविद् एवं करोड़ों कार्यकर्ताओं के प्रेरणास्रोत श्रद्धेय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी के बलिदान दिवस पर कोटिशः नमन।
राष्ट्र प्रथम की भावना और देश की एकता के प्रति आपका समर्पण आने वाली… pic.twitter.com/vAFMb48RJ5— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) June 23, 2026Also Read
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डॉ. मुखर्जी को केवल एक राजनेता के रूप में नहीं, बल्कि एक महान शिक्षाविद् और दूरदर्शी चिंतक के रूप में भी जाना जाता है. उन्होंने भारतीय संस्कृति, परंपराओं और राष्ट्रीय मूल्यों को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया. मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उनका व्यक्तित्व और कार्य देश की सांस्कृतिक पहचान को सशक्त बनाने में मील का पत्थर साबित हुए हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. मुखर्जी करोड़ों कार्यकर्ताओं के लिए आज भी प्रेरणा के स्रोत हैं. उनकी कर्तव्यनिष्ठा, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र के प्रति समर्पण युवा पीढ़ी को सकारात्मक दिशा प्रदान करता है. उनके जीवन से यह सीख मिलती है कि दृढ़ संकल्प और राष्ट्रहित की भावना से बड़े से बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं.
अपने संदेश के अंत में मुख्यमंत्री धामी ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान को याद करते हुए कहा कि देश उनकी सेवाओं और त्याग को सदैव सम्मान के साथ स्मरण करता रहेगा. राष्ट्र प्रथम की उनकी सोच और देश की एकता के लिए किया गया संघर्ष भारतीय इतिहास में हमेशा अमिट रहेगा.