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India Daily

यूपी में कुदरत ने बरपाया कहर, आंधी-तूफान ने निगल ली 47 जिंदगियां; जान-माल का भयंकर नुकसान

उत्तर प्रदेश में तेज आंधी, बारिश और बिजली गिरने से 47 लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हुए हैं. पेड़ और दीवारें गिरने से रेल व बिजली व्यवस्था प्रभावित रही. प्रयागराज, कानपुर और बरेली मंडल सबसे ज्यादा प्रभावित रहे.

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यूपी में कुदरत ने बरपाया कहर, आंधी-तूफान ने निगल ली 47 जिंदगियां; जान-माल का भयंकर नुकसान
Courtesy: Social Media

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में अचानक बदले मौसम के मिजाज ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है और आंधी-तूफ़ान की वजह से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में 47 लोगों की मौत हो चुकी है. 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से चलने वाली हवा के रास्ते में जो भी आया, वो तहस-नहस हो गया. क्या पेड़-पौधे और आशियाने, सब रुई के फाहों की तरह उड़ता नजर आया. 

उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में तेज आंधी-तूफान ने जमकर तबाही मचाई है और व्यापक पैमाने पर जान-माल का नुकसान हुआ है. पेड़ गिरने, दीवार ढहने और बिजली गिरने जैसी घटनाओं में कुल 47 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल बताए जा रहे हैं. खराब मौसम का असर रेल और बिजली व्यवस्था पर भी पड़ा है, जिससे लोगों को चौतरफा मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. 

प्रयागराज मंडल में आंधी-तूफ़ान से सबसे अधिक तबाही

सबसे ज्यादा नुकसान प्रयागराज मंडल में देखने को मिला, जहां प्रयागराज में 16, प्रतापगढ़ में चार और कौशांबी में एक व्यक्ति की आंधी-तूफ़ान की वजह से मौत हो गई. प्रयागराज के हंडिया इलाके में सबसे अधिक 10 मौतें हुई है, जिससे हड़कंप मचा हुआ है. तेज आंधी में हजारों पेड़ उखड़ गए, जिससे रेल ट्रैक बाधित हो गए और कई ट्रेनें घंटों खड़ी रहीं.

कानपुर और आसपास के जिलों में भी जान-माल का नुकसान

कानपुर और आसपास के जिलों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि के चलते 12 लोगों की मौत हुई है. फतेहपुर में निर्माणाधीन भवन गिरने, पेड़ टूटने और अन्य हादसों में सात लोगों ने जान गंवाई. उन्नाव में पेड़ और बिजली का खंभा गिरने से एक बच्चे समेत तीन लोगों की मौत हो गई. कानपुर देहात में भी एक युवती और एक बालिका की मौत हुई, जबकि 33 बकरियां भी मारी गईं. पेड़ गिरने से कानपुर-लखनऊ और उन्नाव-रायबरेली रेलमार्ग पर ट्रेनों का संचालन कई घंटों तक प्रभावित रहा.

 बिजली आपूर्ति बाधित, छाया अंधेरा

तेज आंधी के कारण कई जिलों में बिजली के खंभे और तार टूट गए, जिससे हजारों गांवों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई. सरकार ने मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने के निर्देश जारी किए हैं. बरेली मंडल में भी तूफान ने भारी नुकसान पहुंचाया. बरेली, बदायूं और आसपास के इलाकों में पेड़ और दीवार गिरने से नौ लोगों की मौत हो गई, जबकि कई बच्चे और अन्य लोग घायल हुए.

सीतापुर, लखीमपुर और हरदोई में भी खराब मौसम जानलेवा साबित हुआ, जहां पांच लोगों की मौत हुई. सीतापुर में पेड़ और दीवार गिरने से दो लोगों की जान गई और छह लोग घायल हो गए. लखीमपुर में बिजली गिरने से हादसा हुआ, जबकि हरदोई में बिजली गिरने और दीवार ढहने की घटनाओं में दो लोगों की मौत हो गई.