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India Daily

महिलाओं के शव से करते थे रेप, परिजन के साथ सेक्स करने को करते थे मजबूर....हमास की कैद में इजरायली बंधकों की आपबीती पर रिपोर्ट

300 पन्नों यह रिपोर्ट कहती है कि बंधकों की दर्द और पीड़ा को ज्यादा से ज्यादा बढ़ाने के मकसद से उनका जानबूझकर बलात्कर किया जाता था और यौन यातना दी जाती थी.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
महिलाओं के शव से करते थे रेप, परिजन के साथ सेक्स करने को करते थे मजबूर....हमास की कैद में इजरायली बंधकों की आपबीती पर रिपोर्ट
Courtesy: pinterest

इजरायल की एक स्वतंत्र जांच में बताया गया है कि 7 अक्टूबर 2023 के हमलों के बाद इजरायल के जिन लोगों को बंधक बनाया गया, हमास और फिलिस्तीन के हथियारबंद समूह उन्हें अपने परिवार के लोगों के साथ सेक्स करने को मजबूर करते थे.

300 पन्नों यह रिपोर्ट कहती है कि बंधकों की दर्द और पीड़ा को ज्यादा से ज्यादा बढ़ाने के मकसद से उनका जानबूझकर बलात्कर किया जाता था और यौन यातना दी जाती थी. बीबीसी के मुताबिक, यह निष्कर्ष बचे हुए लोगों, प्रत्यक्षदर्शी और पूर्व बंधकों के 430 से अधिक इंटरव्यू के साथ हमलावरों द्वारा फिल्माए गए फुटेज और हमले वाली जगहों से बरामद किए गए  10,000 फोटोग्राफ,  वीडियोज पर आधारित है.  इस जांच को उस हमले के दौरान यौन हिंसा के आरोपों की अब तक की सबसे व्यापक जांचों में से एक माना जा रहा है जिसमें करीब 1200 लोगों की मौत हो गई थी और करीब 251 लोगों को बंधक बना लिया गया था.

मौत के बाद भी महिलाओं को नहीं बख्शते थे दरिंदे

रिपोर्ट के मुताबिक, महिलाओं पर जीवित और मौत के बाद दोनों ही स्थिति में हमले किये गए. कई गवाहों ने यह भी बताया कि पीड़ितों को यौन उत्पीड़न के दौरान या बाद में मार दिया जाता था और उनके शवों को कथित तौर पर ट्रॉफी के रूप में प्रदर्शित किया जाता था. आरोपों में ऐसे मामले भी शामिल जिनमें बंधकों को जबरन शादी कराने की धमकी दी गई थी, यही नहीं बधंक बनाए गए रिश्तेदारों को एक-दूसरे के साथ यौन संबंध बनाने के लिए मजबूर किया गया.

नोवा संगीत समारोह में बचे राज कोहेन ने रिपोर्ट में शामिल गवाही में हमलों में से एक को देखने का वर्णन किया है. कोहने ने बताया कि उन लोगों ने एक महिला को वाहन से बाहर निकाला...जबरदस्ती उसके कपड़े उतार दिए और उसका रेप क किया...और इसके बाद चाकू से वार करके उसकी हत्या कर दी और उसकी मौत के बाद  भी  उसके साथ बलात्कार जारी रखा.

रिपोर्ट के मुताबिक दुर्व्यवहार का अधिकांश हिस्सा इजरायली समुदायों में हुए नरसंहारों और गाजा सीमा के नजदीक नोवा संगीत समारोह के दौरान हुआ जहां 370 से ज्यादा लोग मारे गए थे.