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यूपी में बड़ा प्रशासनिक बदलाव, 28 PPS बने IPS; 29 PCS अधिकारियों को मिला IAS का प्रमोशन

उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक सेवा में बड़ा बदलाव हुआ है. 28 पीपीएस अधिकारियों को आईपीएस संवर्ग में पदोन्नति मिली है, जबकि 29 पीसीएस अधिकारी आईएएस बने हैं. जल्द नई तैनाती और तबादलों की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है.

Meenu Singh
Edited By: Meenu Singh
यूपी में बड़ा प्रशासनिक बदलाव, 28 PPS बने IPS; 29 PCS अधिकारियों को मिला IAS का प्रमोशन
Courtesy: AI

उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक और पुलिस महकमे में बड़े स्तर पर पदोन्नतियों का दौर शुरू हो गया है. PCS अधिकारियों को IAS संवर्ग में शामिल किए जाने के बाद अब PPS अधिकारियों को भी बड़ी सौगात मिली है. संघ लोक सेवा आयोग की मंजूरी के बाद 28 PPS अधिकारियों को IPS संवर्ग में पदोन्नत किया गया है. इस फैसले के साथ राज्य में वरिष्ठ अधिकारियों की नई तैनाती और प्रशासनिक फेरबदल की चर्चाएं भी तेज हो गई हैं.

28 PPS अधिकारियों को मिला IPS संवर्ग

संघ लोक सेवा आयोग की स्वीकृति के बाद पीपीएस संवर्ग के 1997, 1998, 1999 और 2000 बैच के 28 अधिकारियों को आईपीएस पद पर पदोन्नति प्रदान की गई है. इस सूची में कमल किशोर, सुरेश चंद्र रावत, शोएब इकबाल, राहुल मिठास, आलोक कुमार शर्मा, राजकुमार, महेश सिंह अत्रि, प्रीति बाला गुप्ता और देवेश कुमार शर्मा समेत कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं.

पीसीएस अधिकारियों को भी मिला प्रमोशन

इससे पहले राज्य सरकार ने 2010 से 2012 बैच के 29 पीसीएस अधिकारियों को आईएएस संवर्ग में पदोन्नति दी थी. इन अधिकारियों के नामों की आधिकारिक सूची जारी की जा चुकी है. माना जा रहा है कि नई जिम्मेदारियों के अनुरूप जल्द ही उनकी तैनाती के आदेश भी जारी किए जाएंगे.

नई तैनाती का इंतजार

प्रमोशन के बाद अब सबसे ज्यादा चर्चा नई पोस्टिंग को लेकर है. प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, आईएएस बने अधिकारियों की तैनाती के साथ कई वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले भी हो सकते हैं. इससे राज्य के विभिन्न मंडलों, जिलों और विकास प्राधिकरणों में प्रशासनिक जिम्मेदारियों का नया स्वरूप देखने को मिल सकता है.

प्रशासनिक व्यवस्था को मिलेगी मजबूती

सरकार का मानना है कि इन पदोन्नतियों से प्रशासनिक और पुलिस व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी. अनुभवी अधिकारियों को उच्च जिम्मेदारियां मिलने से निर्णय प्रक्रिया तेज होगी और विभिन्न विभागों में कार्यों के बेहतर समन्वय की उम्मीद बढ़ेगी. अधिकारियों के नए दायित्व तय होने के बाद प्रशासनिक व्यवस्था में व्यापक बदलाव देखने को मिल सकते हैं.