फरीदाबाद में अरावली क्षेत्र एक बार फिर बड़े अतिक्रमण विरोधी अभियान का केंद्र बन गया. नगर निगम ने भारी पुलिस बल और बुलडोजरों की मदद से कथित अवैध झुग्गियों को हटाने की कार्यवाही की. प्रशासन का कहना है कि यह कदम सुप्रीम कोर्ट के वन भूमि संबंधी निर्देशों के पालन में उठाया गया है. दूसरी ओर स्थानीय लोगों ने इस कार्यवाही की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं. वहीं नेहरू कॉलोनी बचाओ संघर्ष समिति का विरोध प्रदर्शन भी लगातार जारी है.
बुधवार सुबह नगर निगम का दस्ता गुरुग्राम मोड़ के पास सैनिक कॉलोनी के सामने स्थित अरावली क्षेत्र पहुंचा. करीब 12 बुलडोजरों और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू किया गया. कार्यवाही के दौरान पूरे इलाके की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई ताकि किसी तरह की अप्रिय स्थिति पैदा न हो.
नगर निगम की टीम ने चरणबद्ध तरीके से लगभग 100 झुग्गियों को हटाया. कई परिवारों ने कार्यवाही शुरू होने से पहले अपना सामान सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया, जबकि अन्य लोगों ने मौके पर ही सामान समेटा. अभियान के दौरान एसडीओ सुरेंद्र हुड्डा और नगर निगम के संयुक्त आयुक्त मौजूद रहे तथा पूरी प्रक्रिया की निगरानी करते रहे.
अभियान के बाद स्थानीय लोगों ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए. उनका कहना है कि सड़क के एक ओर बनी झुग्गियों पर कार्रवाई हुई, लेकिन दूसरी ओर मौजूद पक्के निर्माणों, दुकानों, अवैध पार्किंग, निर्माण सामग्री के भंडारण और अन्य गतिविधियों पर कोई कदम नहीं उठाया गया. लोगों ने समान कार्रवाई की मांग की.
नेहरू कॉलोनी बचाओ संघर्ष समिति का धरना बुधवार को 17वें दिन भी जारी रहा. प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि आवश्यक सरकारी दस्तावेज होने के बावजूद उनके मकानों पर कार्रवाई की जा रही है. समिति ने कॉलोनी को नियमित करने और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग दोहराई.
संघर्ष समिति ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो पांच जुलाई को केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर के आवास के बाहर प्रदर्शन किया जाएगा. दूसरी ओर प्रशासन का कहना है कि कार्यवाही न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप की जा रही है और आगे भी नियमों के अनुसार अभियान जारी रहेगा.