लखनऊ: उत्तर प्रदेश में आखिरकार मानसून ने अपनी रफ्तार पकड़ ली है और इसके साथ ही प्रदेश वासियों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है. बुधवार को प्रदेश के कई हिस्सों में हुई बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया. ठंडी हवाओं और बादलों की आवाजाही ने तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज कराई है. मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में बारिश का दायरा और बढ़ेगा, जिससे प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम सुहावना बना रहेगा.
बुधवार सुबह से प्रयागराज, बरेली, मुरादाबाद, ललितपुर समेत 25 से ज्यादा जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई. लखनऊ में भी कई इलाकों में बूंदाबांदी हुई, जबकि कानपुर और मथुरा सहित कई जिलों में दिनभर बादल छाए रहे. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले तीन दिनों में मानसून पूरे प्रदेश में तेजी से सक्रिय होगा और पूर्वी से लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक अच्छी बारिश देखने को मिलेगी. इसके चलते तापमान में 8 से 10 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है.
भारतीय मौसम विभाग ने गुरुवार से 7 जुलाई तक प्रदेश के 55 से अधिक जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है. पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश का भी पूर्वानुमान है. इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की गई है. प्रशासन को भी मौसम को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
बुधवार दोपहर बाद आजमगढ़ में तेज बारिश हुई, जबकि बहराइच, बिजनौर, मिर्जापुर, ललितपुर और आसपास के क्षेत्रों में भी अच्छी वर्षा दर्ज की गई. फतेहपुर और कुछ अन्य इलाकों में तेज हवा के साथ आंधी भी चली. मौसम विभाग का मानना है कि अगले 24 से 48 घंटों में बारिश का दायरा पूरे प्रदेश में और बढ़ जाएगा.
इस बार मानसून ने सोनभद्र और महराजगंज के रास्ते उत्तर प्रदेश में प्रवेश किया. सामान्य तौर पर प्रदेश में मानसून 20 जून तक पहुंच जाता है, लेकिन इस वर्ष इसकी एंट्री करीब 10 दिन देरी से हुई. हालांकि अब इसके सक्रिय होने से भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को काफी राहत मिलने लगी है.
बारिश के असर से प्रदेश के लगभग 50 जिलों में दिन का तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया. मुजफ्फरनगर 27.4 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे ठंडा जिला रहा, जबकि मुरादाबाद में अधिकतम तापमान 28.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. लखनऊ में अधिकतम तापमान 34.8 डिग्री सेल्सियस रहा. वहीं सबसे अधिक 113 मिमी बारिश बहराइच में रिकॉर्ड की गई, जबकि बिजनौर में 95 मिमी और ललितपुर में 93 मिमी वर्षा दर्ज हुई.