लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वालों को बड़ी राहत देते हुए रोड टैक्स में छूट देने का फैसला किया है. सीएम योगी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई. सरकार का उद्देश्य स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देना और वायु प्रदूषण को कम करना है. इस फैसले से पात्र वाहन खरीदारों को वाहन की श्रेणी के अनुसार 64 हजार रुपये से लेकर 2.56 लाख रुपये तक का लाभ मिल सकेगा.
सरकार के अनुसार राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के लिए लागू परिवर्तन योजना के तहत पुराने बीएस वन, बीएस टू, बीएस थ्री और बीएस फोर श्रेणी के ट्रक और बसों को स्क्रैप कर नई बीएस सिक्स या इलेक्ट्रिक गाड़ी खरीदने पर 10 वर्षों तक मोटरयान कर और पंजीकरण शुल्क में विशेष छूट दी जाएगी. नए बीएस सिक्स और इलेक्ट्रिक वाहनों पर 100 प्रतिशत रोड टैक्स माफ रहेगा. साथ ही नए वाहन के रजिस्ट्रेशन पर भी पूरा पंजीकरण शुल्क माफ किया जाएगा.
पुराने या प्रयुक्त बीएस सिक्स और इलेक्ट्रिक वाहनों पर भी सरकार ने राहत दी है. ऐसे वाहनों की खरीद पर रोड टैक्स में 50 प्रतिशत की छूट मिलेगी. यह सुविधा भी 10 वर्षों तक लागू रहेगी. इसके अलावा डीजल और सीएनजी वाहनों पर पांच प्रतिशत ब्याज छूट तथा ईंधन वाउचर का लाभ मिलेगा, जबकि इलेक्ट्रिक वाहनों पर एकमुश्त प्रोत्साहन राशि दी जाएगी. वाहन निर्माता कंपनियां भी नई गाड़ी खरीदने पर शुरुआती 8 प्रतिशत तक की छूट देंगी.
सरकार ने यह भी फैसला किया है कि उत्तर प्रदेश के एनसीआर क्षेत्र में पंजीकृत पुराने बस और ट्रक मालिकों का एक वर्ष से अधिक का बकाया टैक्स भी माफ किया जाएगा. इसके लिए वाहन को अधिकृत स्क्रैपिंग केंद्र पर जमा कर स्क्रैपिंग प्रमाणपत्र प्राप्त करना होगा. इसी प्रमाणपत्र के आधार पर नए वाहन की खरीद पर रोड टैक्स और पंजीकरण शुल्क में छूट का लाभ मिलेगा.
कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश डाटा सेंटर नीति 2026 को भी मंजूरी दी गई. नई नीति के तहत बुंदेलखंड और पूर्वांचल को अतिरिक्त प्रोत्साहन दिया जाएगा. सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को ग्रीन, एआई तैयार और वैश्विक स्तर का डाटा सेंटर हब बनाना है. इसके लिए दो लाख करोड़ रुपये से अधिक निवेश आकर्षित करने और दो गीगावाट अतिरिक्त क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है.
नई नीति से सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में बड़े निवेश के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ने की उम्मीद है. सरकार का अनुमान है कि इससे लगभग 7500 लोगों को स्थायी प्रत्यक्ष रोजगार और निर्माण अवधि के दौरान करीब 50 हजार लोगों को अल्पकालिक रोजगार मिलेगा.
परिवहन मंत्री दयाशंकर मिश्रा ने बताया कि प्रदेश में अब तक इलेक्ट्रिक वाहन मालिकों को 210 करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी दी जा चुकी है. सरकार का मानना है कि इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा मिलने से पेट्रोल और डीजल पर निर्भरता कम होगी, प्रदूषण घटेगा और पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी.