लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार आउटसोर्स कर्मियों के लिए बड़ा फैसला लेने जा रही है. प्रदेश के विभिन्न सरकारी विभागों में काम करने वाले लगभग 4 लाख आउटसोर्स कर्मचारियों को सितंबर महीने से बढ़ा हुआ मानदेय और अन्य सुविधाएं मिल सकती हैं. उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम की तरफ से इस दिशा में तेजी से काम चल रहा है.
निगम का पोर्टल अगस्त महीने तक तैयार हो जाएगा, जिसके बाद बढ़े हुए मानदेय की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी. पोर्टल तैयार करने के निर्देशसरकार ने उत्तर प्रदेश डेवलपमेंट सिस्टम कारपोरेशन (यूपीडेस्को) के माध्यम से एक निजी कंपनी को पोर्टल बनाने का काम सौंपा है.
इस पोर्टल पर आउटसोर्स कर्मियों की पूरी जानकारी, नई भर्ती के लिए आवेदन, मानदेय की दरें और अन्य लाभों का पूरा विवरण उपलब्ध होगा. सूत्रों के अनुसार पोर्टल तैयार होने के बाद पुराने कर्मचारियों को बढ़ा हुआ मानदेय मिलना शुरू हो जाएगा. साथ ही नई भर्तियां भी शुरू की जाएंगी. निगम की सारी गतिविधियां इसी पोर्टल के जरिए संचालित होंगी, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और आसान हो जाएगी.
उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम का गठन 20 सितंबर 2025 को किया गया था. निगम के लिए मैनेजिंग डायरेक्टर (एमडी) और अन्य जरूरी पदाधिकारियों की नियुक्ति भी हो चुकी है. सरकार का लक्ष्य है कि आउटसोर्स कर्मियों की भर्ती, सेवा शर्तें और पारिश्रमिक की व्यवस्था को और ज्यादा पारदर्शी, व्यवस्थित और एक समान बनाया जाए. इससे पहले आउटसोर्स कर्मी अलग-अलग विभागों में अलग-अलग नियमों के तहत काम करते थे, जिससे कई समस्याएं होती थीं.
बढ़े हुए मानदेय के अलावा कर्मचारियों को अन्य सुविधाएं भी दी जाएंगी. हालांकि सरकार ने अभी आधिकारिक रूप से नई दरों की घोषणा नहीं की है, लेकिन 4 लाख कर्मचारियों को इसका सीधा लाभ मिलने वाला है. यह कदम कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाने और बेहतर काम करने के लिए प्रोत्साहित करने वाला माना जा रहा है.
निगम के माध्यम से भर्ती प्रक्रिया अब एक जगह से चलेगी. इससे भर्ती में पारदर्शिता आएगी और योग्य उम्मीदवारों को आसानी से मौका मिल सकेगा. पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन, दस्तावेज सत्यापन और अन्य प्रक्रियाएं आसानी से पूरी हो सकेंगी. प्रदेश सरकार का यह फैसला आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए राहत भरा है. लंबे समय से कर्मी बेहतर वेतन और सुविधाओं की मांग कर रहे थे.