ग्रेटर नोएडा: ग्रेटर नोएडा स्थित गौतमबुद्ध यूनिवर्सिटी के छात्र अक्षत त्रिपाठी को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए CJP के विरोध प्रदर्शन में शामिल होना महंगा पड़ गया है. ग्रेटर नोएडा के कार्यपालक मजिस्ट्रेट ने अक्षत को शांति भंग की आशंका से जुड़े मामले में 5 लाख रुपये का नोटिस जारी किया है. यह नोटिस भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता यानी BNSS की धारा 130 के तहत जारी किया गया है.
जानकारी के मुताबिक, कार्यपालक मजिस्ट्रेट 3 की ओर से अक्षत त्रिपाठी को 4 सितंबर को नोटिस जारी किया गया. यह कार्रवाई ईकोटेक-1 थाने के एक सब इंस्पेक्टर की रिपोर्ट के आधार पर की गई है. पुलिस रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि जंतर-मंतर पर हुए CJP के प्रदर्शन के दौरान अक्षत ने छात्रों को सरकार के खिलाफ भड़काने और उन्हें एकजुट करने का प्रयास किया.
गौतमबुद्ध यूनिवर्सिटी के छात्र अक्षत त्रिपाठी को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन में शामिल होना महंगा पड़ गया है। ग्रेटर नोएडा के कार्यपालक मजिस्ट्रेट ने छात्र को शांति भंग से जुड़े मामले में 5 लाख रुपये का नोटिस जारी किया है। अक्षत त्रिपाठी… pic.twitter.com/TdOIrOzKJc
— UJJWAL DOBHAL (@UjjwalDobhal) September 8, 2026
हालांकि, अक्षत त्रिपाठी ने पुलिस के इन आरोपों को खारिज किया है. उनका कहना है कि उन्होंने प्रदर्शन में शांतिपूर्ण तरीके से हिस्सा लिया था. अक्षत स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया यानी SFI की उत्तर प्रदेश स्टेट कमेटी के सदस्य भी हैं.
अक्षत के मुताबिक प्रदर्शन के समय गौतमबुद्ध यूनिवर्सिटी करीब तीन महीने से बंद थी. ऐसे में वह नियमित रूप से कक्षाओं में शामिल नहीं हो रहे थे. उन्होंने दावा किया कि 20 जुलाई को CJP के संसद मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस की कार्रवाई में वह घायल भी हुए थे.
छात्र को जारी नोटिस के बाद SFI ने सरकार और पुलिस पर सवाल उठाए हैं. संगठन ने आरोप लगाया कि छात्रों को अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल करने से रोकने और डराने की कोशिश की जा रही है. SFI के मुताबिक, जंतर-मंतर के प्रदर्शन में पेपर लीक, बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था जैसे मुद्दे उठाए गए थे.
SFI ने उत्तर प्रदेश सरकार और पुलिस पर कानून व्यवस्था से जुड़े प्रावधानों के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाया है. संगठन का दावा है कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश मौजूद होने के बावजूद अक्षत के खिलाफ कार्रवाई की गई.
SFI ने अक्षत त्रिपाठी को जारी 5 लाख रुपये का नोटिस तत्काल वापस लेने की मांग की है. संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान शांतिपूर्ण तरीके से विरोध कर रहे लोगों पर हमले किए गए थे. हालांकि, इन आरोपों और पुलिस की कार्रवाई को लेकर संबंधित पक्षों के दावों की पुष्टि अदालत के स्तर पर होना बाकी है.
फिलहाल अक्षत को जारी नोटिस के बाद छात्र संगठनों और प्रशासन के बीच विवाद बढ़ गया है. मामला प्रदर्शन में शामिल होने के अधिकार, कानून व्यवस्था और पुलिस रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों को लेकर चर्चा में है.