वंदे भारत एक्सप्रेस से सफर करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर है. गोरखपुर से लखनऊ होते हुए प्रयागराज तक चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस अब जल्द ही 22 कोच के साथ दौड़ती नजर आएगी. रेलवे बोर्ड ने इसके लिए अपनी सहमति दे दी है.
उम्मीद है कि महीने के अंतिम सप्ताह तक नया रेक गोरखपुर पहुंच जाएगा, जिसके बाद ट्रेन का संचालन बढ़ी हुई क्षमता के साथ शुरू किया जाएगा.
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, अतिरिक्त छह कोच जुड़ने से करीब 400 और यात्री एक साथ यात्रा कर सकेंगे. इससे लंबे समय से टिकट की समस्या का सामना कर रहे यात्रियों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है. मार्च 2024 में इस वंदे भारत एक्सप्रेस का विस्तार लखनऊ से प्रयागराज तक किया गया था. इसके बाद से इस ट्रेन की मांग लगातार बढ़ी है. इसी को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने इसकी क्षमता बढ़ाने का फैसला लिया है.
नई व्यवस्था के तहत ट्रेन में चार एग्जीक्यूटिव चेयर कार और 18 एसी चेयर कार कोच होंगे. फिलहाल इसमें दो एग्जीक्यूटिव और 12 एसी चेयर कार कोच संचालित किए जा रहे हैं. रेलवे का मानना है कि बढ़ी हुई क्षमता से प्रतीक्षा सूची में कमी आएगी और अधिक यात्रियों को समय पर आरक्षण मिल सकेगा.
रेलवे गोरखपुर मंडल में वंदे भारत ट्रेनों के विस्तार की योजना पर भी तेजी से काम कर रहा है. गोरखपुर से दिल्ली और आगरा के बीच प्रस्तावित स्लीपर वंदे भारत के अलावा वाराणसी तक भी वंदे भारत ट्रेनें चलाने की तैयारी है. डिपो निर्माण पूरा होने के बाद इस वर्ष नई ट्रेनों का संचालन शुरू होने की संभावना जताई जा रही है. रेलवे का लक्ष्य प्रमुख मार्गों पर आधुनिक ट्रेनों की संख्या बढ़ाना है.
गोरखपुर से प्रयागराज तक वंदे भारत एक्सप्रेस का एसी चेयर कार किराया भोजन सहित 1360 रुपये है, जबकि एग्जीक्यूटिव चेयर कार का किराया भोजन सहित 2570 रुपये निर्धारित है. रेलवे बोर्ड ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अमृत भारत और वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों में इमरजेंसी कोटा लागू करने का भी फैसला किया है. पहले इन ट्रेनों में केवल महिला, दिव्यांग, वरिष्ठ नागरिक और ड्यूटी पास कोटा उपलब्ध था. अब इमरजेंसी कोटा भी आरक्षित किया जाएगा.