नई दिल्ली: आजकल बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक हर कोई मोबाइल फोन से चिपका रहता है. हम जानते हैं कि ज्यादा फोन इस्तेमाल से दिमाग और काम करने की क्षमता पर बुरा असर पड़ता है, लेकिन फिजिकल हेल्थ पर इसका क्या प्रभाव पड़ता है, यह अक्सर हम नजरअंदाज कर देते हैं. अगर आप या आपके घर का कोई सदस्य दिन में कई घंटे फोन पर स्क्रॉलिंग, गेमिंग, वीडियो देखने या काम करने में लगाता है तो शरीर कई तरह की समस्याओं का शिकार हो सकता है.
1. पॉश्चर की समस्या: फोन को नीचे झुककर देखने की आदत से गर्दन आगे की तरफ झुक जाती है, जिसे ‘टेक नेक’ कहते हैं. इससे गर्दन, कंधे और पीठ में दर्द होता है, सिरदर्द रहने लगता है और रीढ़ की हड्डी की नेचुरल शेप बिगड़ सकती है.
टिप्स: फोन को आंखों के सामने ऊंचा करके देखें. सीधे बैठकर फोन यूज करें. हर 20-30 मिनट में ब्रेक लें और खड़े होकर स्ट्रेचिंग करें.
लगातार चमकदार स्क्रीन देखने से आंखें सूखने, खुजली, धुंधला दिखना, सिरदर्द और फोकस करने में दिक्कत होने लगती है. कम रोशनी में ज्यादा यूज करने से समस्या बढ़ जाती है.
टिप्स: 20-20-20 नियम अपनाएं. हर 20 मिनट में 20 फीट दूर किसी चीज को 20 सेकंड तक देखें. दिन में कुछ समय बाहर घूमें.
स्क्रॉलिंग और टाइपिंग से अंगूठे, उंगलियां और कलाई में दर्द और अकड़न हो जाती है. लंबे समय में हाथों की मजबूती कम हो जाती है.
टिप्स: फोन कम यूज करें. पेन से लिखें, सब्जी काटें, खेलें या कोई फिजिकल एक्टिविटी करें. हाथों की एक्सरसाइज करें.
फोन में सब कुछ मिल जाने से लोग कम चलते-फिरते हैं. इससे मांसपेशियां कमजोर होती हैं, वजन बढ़ता है और शरीर सुस्त हो जाता है.
टिप्स: रोजाना घूमें, व्यायाम करें, खड़े होकर काम करें. फोन के बिना वॉक पर जाएं.
स्क्रीन पर सब कुछ आसान होने से वास्तविक जीवन में हाथ और आंखों का कॉर्डिनेशन कमजोर पड़ता है. खेलना, लिखना, खाना बनाना जैसी गतिविधियां प्रभावित होती हैं.
टिप्स: खेलें, पेंटिंग करें, कुछ बनाने का काम करें.