शामली: उत्तर प्रदेश के शामली जिले में पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में 50 हजार रुपये का इनामी बदमाश मेहताब उर्फ बेचैन मारा गया. पुलिस के अनुसार वह कुख्यात मुकीम काला गैंग का सक्रिय सदस्य था और उसके खिलाफ हत्या, लूट, डकैती समेत कई गंभीर मामलों में कुल 34 मुकदमे दर्ज थे. मुठभेड़ के दौरान बदमाश की गोली लगने से एक दारोगा भी घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया.
पुलिस अधीक्षक नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि गुरुवार देर रात करीब तीन बजे हाथी करौदा गांव निवासी किसान नरेंद्र खेत में पानी लगाने जा रहे थे. इसी दौरान बाइक सवार दो बदमाशों ने उनसे मोबाइल फोन और 182 रुपये की नगदी लूट ली. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत बदमाशों की तलाश शुरू कर दी.
थाना प्रभारी आदर्श मंडी पुलिस ने वायरलेस के जरिए बदमाशों का हुलिया और उनके भागने की दिशा की जानकारी जिले भर में प्रसारित की. इसके बाद विभिन्न थाना क्षेत्रों की पुलिस ने घेराबंदी कर बदमाशों का पीछा शुरू कर दिया.
शुक्रवार सुबह करीब पांच बजे पुलिस ने दोनों बदमाशों को घेर लिया. खुद को चारों ओर से घिरा देख बदमाश एक ट्यूबवेल के पास छिप गए और पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी. बदमाशों की गोली दारोगा दीपचंद के हाथ में लगी, जिससे वह घायल हो गए. पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए फायरिंग की, जिसमें एक बदमाश गंभीर रूप से घायल हो गया जबकि उसका साथी मौके से फरार होने में सफल रहा.
घायल बदमाश को पुलिस जिला अस्पताल लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. उसकी पहचान मेहताब उर्फ बेचैन के रूप में हुई, जो मूल रूप से कैराना का रहने वाला था और वर्तमान में सहारनपुर में रह रहा था. वह पिछले पांच महीने से फरार चल रहा था और उस पर डीआईजी रेंज की ओर से 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था. पुलिस को उसकी लंबे समय से तलाश थी.
घटनास्थल से पुलिस ने एक 9 एमएम ऑटोमैटिक कारबाइन, एक पिस्तौल, बड़ी संख्या में जिंदा कारतूस और खोखे के अलावा वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक बरामद की है. पुलिस फरार हुए दूसरे बदमाश की तलाश में लगातार दबिश दे रही है. अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच जारी है और जल्द ही फरार आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा.