जयपुर: राजस्थान में मानसून की आधिकारिक दस्तक से पहले ही प्री-मानसून बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है. गुरुवार को राजधानी जयपुर समेत कई जिलों में हुई तेज बारिश ने जहां लोगों को भीषण गर्मी से राहत दी, वहीं शहरों की जल निकासी व्यवस्था की भी पोल खोल दी. महज 30 मिनट की मूसलाधार बारिश से जयपुर की कई सड़कें आधा फीट तक पानी में डूब गईं. जगह-जगह जलभराव और लंबे जाम के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा.
मौसम विभाग ने शुक्रवार को राजस्थान के 27 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है. विभाग के अनुसार अगले एक सप्ताह तक प्रदेश में बारिश का दौर जारी रह सकता है. साथ ही अगले चार से पांच दिनों के भीतर दक्षिण-पश्चिम मानसून के राजस्थान में प्रवेश करने की संभावना भी जताई गई है. ऐसे में लोगों को गर्मी से राहत मिलने के साथ मौसम से जुड़ी नई चुनौतियों का भी सामना करना पड़ सकता है.
जयपुर में दोपहर तक तेज धूप और उमस बनी रही लेकिन शाम करीब तीन बजे मौसम ने अचानक करवट ली. तेज हवाओं के साथ शुरू हुई बारिश कुछ ही देर में मूसलाधार हो गई. करीब 50 मिलीमीटर बारिश ने शहर की रफ्तार थाम दी. कलेक्ट्रेट, परकोटा और कई प्रमुख इलाकों में सड़कों पर पानी भर गया. दफ्तर से घर लौटने वाले लोगों को घंटों जाम में फंसना पड़ा और सामान्य दिनों की तुलना में दोगुना समय लगा.
राजधानी के अलावा नागौर, भीलवाड़ा, जोधपुर और कोटा के कई हिस्सों में भी अच्छी बारिश दर्ज की गई. नागौर के डेगाना में 35 मिलीमीटर, सांजू में 25 मिलीमीटर, भीलवाड़ा के सहाड़ा में 22 मिलीमीटर और जोधपुर के भोपालगढ़ में 20 मिलीमीटर बारिश हुई. इस बारिश से किसानों को खरीफ फसलों की तैयारी में राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन निचले इलाकों में जलभराव से लोगों की परेशानी भी बढ़ गई.
प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम की दो अलग तस्वीरें देखने को मिलीं. जहां पूर्वी और कुछ मध्य जिलों में बारिश हुई, वहीं पश्चिमी राजस्थान के कई शहर भीषण गर्मी की चपेट में रहे. फलोदी में सबसे अधिक 41.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया. श्रीगंगानगर में 41 डिग्री, जैसलमेर में 40.8 डिग्री और बाड़मेर में 40.5 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया.