अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को जल्द अपना पहला CEO मिल सकता है. इस पद के लिए शुरू हुई लंबी चयन प्रक्रिया अब तीन उम्मीदवारों तक सिमट गई है. सर्च कमेटी ने 1 सितंबर को तीन नामों का पैनल ट्रस्ट को सौंप दिया है. अब 2 सितंबर की बैठक पर सबकी नजर है.
राम मंदिर ट्रस्ट के CEO पद के लिए आवेदन प्रक्रिया 1 जुलाई से शुरू हुई थी और 18 जुलाई को आवेदन लेने का काम पूरा हो गया था. इस दौरान कुल 5,585 आवेदन प्राप्त हुए. उम्मीदवारों के दस्तावेजों और योग्यता की जांच के लिए दिल्ली-एनसीआर, पुणे और संबलपुर में अलग-अलग टीमें लगाई गईं.
शुरुआती छंटनी के बाद 16 उम्मीदवार अंतिम चरण तक पहुंचे. इन उम्मीदवारों से अगस्त के पहले सप्ताह में ऑनलाइन बातचीत की गई और फिर 11-12 अगस्त को अयोध्या बुलाकर आमने-सामने साक्षात्कार हुआ. पूरी प्रक्रिया में उम्मीदवारों की योग्यता के साथ उनके अनुभव और नेतृत्व क्षमता को भी परखा गया.
CEO के लिए अंतिम नामों को चुनने की जिम्मेदारी एक विशेष सर्च कमेटी को दी गई थी. इसमें सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल वी.के. चतुर्वेदी और डॉ. सुरेश हावरे शामिल थे. कमेटी ने उम्मीदवारों को केवल शैक्षणिक योग्यता के आधार पर नहीं देखा, बल्कि नेतृत्व, प्रबंधन क्षमता, पेशेवर अनुभव, ईमानदारी और भविष्य की सोच जैसे पहलुओं पर भी मूल्यांकन किया. ऑनलाइन और आमने-सामने हुई बातचीत के बाद कमेटी ने तीन नामों को अंतिम पैनल में रखा. यह पैनल 1 सितंबर को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंप दिया गया.
अब CEO के चयन का अंतिम अधिकार ट्रस्ट के पास है. 2 सितंबर को होने वाली बैठक में तीनों नामों पर चर्चा की जाएगी और इनमें से किसी एक उम्मीदवार के नाम पर मुहर लग सकती है. सर्च कमेटी की अंतिम रिपोर्ट सौंपे जाने के दौरान ट्रस्ट से जुड़े कई प्रमुख सदस्य मौजूद रहे.
कमेटी के सचिव समीर पंडा के अनुसार, चयन की पूरी प्रक्रिया निर्धारित समय से पहले पूरी कर ली गई. ऐसे में अब बैठक को इस पूरी प्रक्रिया का सबसे महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है. हालांकि अंतिम नाम की घोषणा ट्रस्ट की बैठक में लिए गए फैसले के बाद ही स्पष्ट होगी.
पहली बैठक 1 जुलाई को हुई थी, जिसमें CEO पद की चयन प्रक्रिया और पात्रता मानकों पर चर्चा की गई. इसके बाद 6 जुलाई को चयन समिति का गठन हुआ और 14 जुलाई को समीर पंडा को इसका सचिव नियुक्त किया गया. 18 जुलाई को आवेदन प्रक्रिया समाप्त होने के बाद उम्मीदवारों की छंटनी शुरू हुई.
अगस्त में चयन प्रक्रिया आगे बढ़ी और 16 उम्मीदवारों से ऑनलाइन बातचीत की गई. इसके बाद 11 और 12 अगस्त को अयोध्या में व्यक्तिगत साक्षात्कार हुए. आखिरकार 1 सितंबर को तीन नामों का पैनल तैयार कर ट्रस्ट को सौंप दिया गया. अब 2 सितंबर की बैठक तय करेगी कि राम मंदिर ट्रस्ट का पहला CEO कौन होगा.