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रेलवे के इस फैसले से कर्मचारियों की लगी लॉटरी, अब इन लोगों को मिलेगा पुरानी पेंशन का लाभ; बोर्ड ने जारी किया नया आदेश

रेलवे बोर्ड के नए निर्देशों के बाद अब उन आश्रित रेलकर्मियों को भी पुरानी पेंशन योजना का लाभ मिलेगा.

Ashutosh
Edited By: Ashutosh Rai
रेलवे के इस फैसले से कर्मचारियों की लगी लॉटरी, अब इन लोगों को मिलेगा पुरानी पेंशन का लाभ; बोर्ड ने जारी किया नया आदेश
Courtesy: X

रेलवे कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है. रेलवे बोर्ड के नए आदेश के बाद अब अनुकंपा के आधार पर नौकरी पाने वाले कई कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ मिलेगा. पूर्वोत्तर रेलवे ने भी इस संबंध में सभी संबंधित इकाइयों को नई गाइडलाइन जारी कर दी है.

आवेदन की तारीख होगी सबसे अहम आधार

रेलवे बोर्ड ने साफ किया है कि पुरानी पेंशन योजना का लाभ तय करने में अब नियुक्ति की तारीख नहीं, बल्कि अनुकंपा नियुक्ति के लिए किए गए आवेदन की तारीख को आधार माना जाएगा. यदि किसी रेलकर्मी की मृत्यु 1 जनवरी 2004 से पहले हुई थी और उसके आश्रित ने 31 दिसंबर 2003 या उससे पहले अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन कर दिया था, तो नौकरी बाद में मिलने पर भी उसे पुरानी पेंशन योजना का लाभ मिलेगा. यह फैसला पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग के 22 जून 2026 के आदेश के बाद रेलवे बोर्ड ने 24 जून 2026 को लागू किया. पूर्वोत्तर रेलवे ने भी गोरखपुर मुख्यालय, लखनऊ, वाराणसी, इज्जतनगर मंडल और सभी कारखानों को इस आदेश के अनुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं.

लंबे समय से रुके मामलों को मिलेगा समाधान

अब तक कई ऐसे मामले लंबित थे, जिनमें आवेदन समय पर होने के बावजूद नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने में देरी हुई और कर्मचारियों को पुरानी पेंशन का लाभ नहीं मिल सका. नई व्यवस्था से ऐसे सभी मामलों का समाधान होने की उम्मीद है. रेलवे प्रशासन का कहना है कि अनुकंपा नियुक्ति की प्रक्रिया कई बार तकनीकी और प्रशासनिक कारणों से लंबी हो जाती है. इसी वजह से वास्तविक नियुक्ति की बजाय आवेदन की तारीख को महत्वपूर्ण माना गया है. इससे उन कर्मचारियों को राहत मिलेगी, जो वर्षों से पेंशन से जुड़े अपने अधिकार का इंतजार कर रहे थे. कर्मचारी संगठनों ने भी इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे लंबे समय से लंबित मांग का समाधान बताया है.

10 जुलाई तक मांगी गई लंबित मामलों की रिपोर्ट

पूर्वोत्तर रेलवे मजदूर यूनियन के महामंत्री बसंत लाल चतुर्वेदी ने बताया कि इस मुद्दे को ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन के महासचिव शिव गोपाल मिश्रा ने रेलवे बोर्ड की बैठकों में प्रमुखता से उठाया था. इसके बाद रेलवे बोर्ड ने सभी जोन को निर्देश दिया है कि 22 दिसंबर 2003 से पहले विज्ञापित पदों से जुड़े सभी लंबित मामलों का पूरा विवरण 10 जुलाई 2026 तक भेजा जाए. बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि 15 जुलाई 2026 के बाद ऐसे किसी नए या छूटे हुए मामले पर विचार नहीं किया जाएगा. यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी. इससे उम्मीद है कि पुराने मामलों का जल्द निपटारा होगा और पात्र कर्मचारियों को समय पर पेंशन का लाभ मिल सकेगा.