menu-icon
India Daily

पीलीभीत में दिखा भाईचारा, कांवड़ियों के लिए मुस्लिम समुदाय ने खुद हटाई सजावट

पीलीभीत के न्यूरिया में मुस्लिम समुदाय ने कांवड़ यात्रा के रास्ते में आने वाली बरावफात की सजावट को आपसी सहमति से हटा दिया. इसका उद्देश्य शिवभक्तों को यात्रा के दौरान किसी तरह की परेशानी से बचाना था.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
पीलीभीत में दिखा भाईचारा, कांवड़ियों के लिए मुस्लिम समुदाय ने खुद हटाई सजावट
Courtesy: ChatGPT (Representative image)

पीलीभीत: पीलीभीत के न्यूरिया कस्बे में मुस्लिम समुदाय ने हिंदू मुस्लिम एकता और आपसी भाईचारे की मिसाल पेश की. कांवड़ यात्रा को सुगम बनाने के लिए मुस्लिम समुदाय के लोगों ने बरावफात के मौके पर की गई सजावट को खुद हटाने का फैसला लिया. सजावट हटाकर कांवड़ियों के लिए रास्ता साफ किया गया, ताकि शिवभक्तों को यात्रा के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो.

बताया गया कि न्यूरिया क्षेत्र में बरावफात पर्व को लेकर मस्जिदों और बाजारों में आकर्षक सजावट की गई थी. इसी मार्ग से कांवड़ यात्रा भी निकलनी थी. रास्ते में लगी ऊंची सजावट के कारण कांवड़ियों के आवागमन में परेशानी होने की आशंका थी. मामले को देखते हुए मुस्लिम समुदाय के लोगों ने आपसी सहमति से सजावट को खोलकर हटाने का निर्णय लिया.

स्थानीय लोगों का क्या है कहना?

स्थानीय लोगों ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान शिवभक्तों की सुविधा का ध्यान रखना सभी की जिम्मेदारी है. इसी भावना के तहत सजावट को हटाया गया. समुदाय के लोगों ने कहा कि धार्मिक आयोजन अपनी जगह हैं, लेकिन आपसी भाईचारा और एक दूसरे की भावनाओं का सम्मान समाज के लिए सबसे जरूरी है.

इस पहल को न्यूरिया की गंगा जमुनी तहजीब और सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल के तौर पर देखा जा रहा है. लोगों का कहना है कि दोनों समुदायों के बीच सहयोग और एक दूसरे के धार्मिक आयोजनों का सम्मान सामाजिक एकता को मजबूत करता है.

भाईचारे का सकारात्मक संदेश

मुस्लिम समुदाय की ओर से उठाए गए इस कदम की स्थानीय स्तर पर सराहना की जा रही है. लोगों का कहना है कि आपसी समझ और सहयोग से किसी भी धार्मिक आयोजन को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराया जा सकता है. कांवड़ियों की सुविधा के लिए सजावट हटाने का यह फैसला भाईचारे का सकारात्मक संदेश देता है.

न्यूरिया में सामने आई यह घटना बताती है कि अलग अलग धार्मिक मान्यताओं के बावजूद लोग एक दूसरे की आस्था और सुविधा का सम्मान कर सकते हैं. स्थानीय लोगों के मुताबिक ऐसे प्रयास समाज में सद्भाव और विश्वास को बढ़ावा देते हैं.