बाराबंकी: सावन के अंतिम सोमवार पर बाराबंकी पूरी तरह शिवमय हो गया. जिलेभर में 'हर-हर महादेव' और 'बम-बम भोले' के जयकारे गूंज रहे थे. लाखों कावड़ियों ने श्री लोधेश्वर महादेव मंदिर सहित अन्य प्रमुख शिव मंदिरों में पहुंचकर जलाभिषेक किया.
लोधेश्वर महादेव धाम में सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें लग गईं. प्रशासन के अनुसार यहां अब तक करीब दो लाख कावड़िए बाबा का जलाभिषेक कर चुके हैं. लखनऊ, कानपुर, हरदोई, उन्नाव, जालौन और आसपास के जिलों से श्रद्धालु पहुंचे. दूर-दराज से आए कावड़िए पैदल और कावड़ लेकर मंदिर की ओर बढ़ रहे थे.
मंदिर परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे. पुलिस, पीएसी और स्वयंसेवक दिन-रात ड्यूटी पर तैनात रहे. कावड़ियों के रास्ते में कई जगह भंडारे और सेवा शिविर लगाए गए. असनी मोड़ और कोतवाली के पास बने शिविरों में रातभर चाय-नाश्ता और प्राथमिक उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई गई. इससे थके हुए भक्तों को काफी राहत मिली.
लोधेश्वर महादेव मंदिर में काशी विश्वनाथ जैसा भव्य कॉरिडोर बन रहा है. निर्माण कार्य देखकर कावड़िए बहुत खुश नजर आए. कई भक्तों ने कहा कि अब इस धाम की ख्याति और बढ़ेगी तथा ज्यादा से ज्यादा श्रद्धालु यहां आएंगे.
सिर्फ लोधेश्वर ही नहीं, जिले के अन्य शिव मंदिरों में भी भारी भीड़ उमड़ी. सिरौली गौसपुर के कुंतेश्वर महादेव, सिद्धौर के सिद्धेश्वर महादेव, हैदरगढ़ के औसानेश्वर, रासनेही घाट के बुढ़वा बाबा, शहर के नागेश्वर, कैलाश आश्रम, धनोखर और लखपेड़ा बाग के शिव मंदिरों में भी श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा. सभी जगह जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और पूजा-अर्चना का सिलसिला चलता रहा.
सावन का ये अंतिम सोमवार भक्तों के लिए खास रहा. हर कोई बाबा भोलेनाथ का आशीर्वाद लेने पहुंचा. प्रशासन और स्थानीय लोगों के सहयोग से पूरा आयोजन सुचारू रूप से संपन्न हुआ. बाराबंकी की सड़कें कावड़ियों से भरी रहीं और पूरा जनपद शिवभक्ति के रंग में रंग गया.