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India Daily

नोएडा के अस्पताल में लापरवाही की हदें पार, 15 घंटे में दो बार फटी ऑक्सीजन पाइपलाइन, लाइसेंस हुआ निलंबित

नोएडा के सेक्टर-66 स्थित द मार्क हॉस्पिटल को स्वास्थ्य विभाग ने सील कर दिया है और उसका लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है. यह कार्रवाई अस्पताल में मात्र 15 घंटे के भीतर ऑक्सीजन पाइपलाइन के दो बार फटने की घटना के बाद की गई है.

Anubhaw Mani Tripathi
नोएडा के अस्पताल में लापरवाही की हदें पार, 15 घंटे में दो बार फटी ऑक्सीजन पाइपलाइन, लाइसेंस हुआ निलंबित
Courtesy: X/@ANI

नोएडा: भारत में अस्पतालों की स्थिति अभी भी नहीं सुधर रही है. हर दिन देश भर में तीन से चार अस्पतालों के लाइसेंस रद्द किए जा रहे हैं. हाल ही में उत्तर प्रदेश के नोएडा से एक मामला सामने आया है, जहां सेक्टर 66 स्थित द मार्क अस्पताल को स्वास्थ्य विभाग ने सील कर दिया है और उसका लाइसेंस निलंबित कर दिया है.

यह कार्रवाई अस्पताल में मात्र 15 घंटे के भीतर दो ऑक्सीजन पाइपलाइन फटने के बाद की गई. राहत की बात यह है कि इस घटना में किसी की जान नहीं गई, लेकिन यह घटना अस्पताल की लापरवाही को उजागर करती है.

पहली घटना रविवार दोपहर को हुई

जानकारी के अनुसार, पहली पाइपलाइन विस्फोट की घटना रविवार दोपहर करीब 12 बजे सामने आई. अस्पताल के ग्राउंड फ्लोर पर स्थित आईसीयू के पास शॉर्ट सर्किट के चलते ऑक्सीजन पाइपलाइन में धमाका हुआ. इस दौरान मरीजों और स्टाफ में हड़कंप मच गया. अस्पताल प्रशासन ने तत्काल दमकल विभाग और पुलिस को सूचना दी.

दूसरी बार सोमवार शाम फिर हुआ विस्फोट

पहले धमाके के बाद भी अस्पताल प्रशासन ने पाइपलाइन की मरम्मत या जांच ठीक ढंग से नहीं कराई. परिणामस्वरूप, सोमवार शाम को दोबारा धमाका हो गया. दूसरी घटना के बाद स्थिति बिगड़ गई और स्वास्थ्य विभाग को तत्काल हस्तक्षेप करना पड़ा.

दूसरे धमाके की जानकारी मिलते ही मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) नरेंद्र कुमार, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी (DCMO) डॉ. चंदन सोनी, स्वास्थ्य विभाग की सलाहकार श्वेता खुराना और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे. टीम ने अस्पताल की स्थिति का जायजा लिया और तत्काल अस्पताल को सील करने के आदेश दिए.

घटना के तुरंत बाद अस्पताल में भर्ती मरीजों को पास के कैलाश हॉस्पिटल और ओम हॉस्पिटल में स्थानांतरित किया गया. अधिकारियों ने बताया कि एक मरीज फिलहाल आईसीयू में भर्ती है, जबकि दो अन्य को गंभीर स्थिति में दिल्ली रेफर किया गया है. शेष मरीजों की जानकारी जुटाई जा रही है.

लापरवाही पर बनी जांच समिति

डीसीएमओ डॉ. चंदन सोनी ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन की गंभीर लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ. इसीलिए अस्पताल का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है. साथ ही, एक संयुक्त जांच समिति गठित की गई है, जो हादसे के कारणों और जिम्मेदार लोगों की पहचान करेगी. स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि जांच पूरी होने के बाद ही तय होगा कि अस्पताल पर आगे क्या कार्रवाई की जाएगी. लगातार दो दिनों तक हुए धमाकों ने नोएडा के निजी अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं.