नोएडा: मजदूर विरोध प्रदर्शन को लेकर तनाव बढ़ता ही जा रही है. सोमवार को जिस तरह से मजदूरों ने वेतन बढ़ाने को लेकर प्रोटेस्ट किया, उससे स्थिति काफी गंभीर हो गई है. नोएडा के कई क्षेत्रों में तोड़फोड़ के साथ वाहनों को आग लगा दी गई. आज भी स्थिति काफी गंभीर बनी हुआ है. मंगलवार को सेक्टर 80 में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पत्थर फेंके. यह घटना हिंसक प्रदर्शनों के एक दिन बाद हुई, जिसके कारण पूरे नोएडा और दिल्ली के कुछ हिस्सों में भारी ट्रैफिक जाम लग गया था.
बता दें कि लगभग 40,000 से 45,000 मजदूर 80 से ज्यादा जगहों पर इक्ट्ठा हुए. कुछ प्रदर्शनकारियों ने संपत्ति को नुकसान पहुंचाया, सड़कें जाम कर दीं और पुलिस से भिड़ गए, जिससे ऑफिस के व्यस्त समय के दौरान अफरा-तफरी मच गई. पुलिस ने कहा कि उन्होंने स्थिति को काबू करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश की है. साथ ही दावा किया है कि इस दौरान कुछ बाहरी लोगों ने अशांति फैलाने की कोशिश की.
सेक्टरो 80 के अलावा कई और क्षेत्रों से भी इस तरह की खबर आ रही है. सेक्टर 70 में तनाव बना रहा, जहां पुलिसकर्मियों पर बार-बार पत्थर फेंके गए. हालांकि, अधिकारियों ने बताया कि भीड़ को काबू में करने के प्रयास जारी हैं. इसके अलावा सेक्टर 121 के क्लियो काउंटी में पुलिस के वाहनों पर पत्थरबाजी की गई.
बता दें कि अभी तक सात लोगों पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है. कई लोगों को हिरासत में भी लिया गया है. प्रदर्शन को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने मजदूरों की अलग-अलग श्रेणियों के लिए न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी की घोषणा की है. नई दरें 1 अप्रैल, 2026 से लागू होंगी. अधिकारियों ने कहा कि सरकार ने वेतन संशोधन को अंतिम रूप देने से पहले सभी सुझावों और आपत्तियों की जांच की.
नोएडा प्रशासन ने मजदूरों से अपील करते हुए कहा है कि वो शांति बनाए रखें और नौकरी पर लौट जाएं. साथ ही किसी भी तरह की अफवाहों पर विश्वास न करने की भी बात कही है. लोगों से कहा गया है कि वो केवल आधिकारिक जानकारियों पर ही भरोसा करें. देखा जाए तो स्थिति अभी संवेदनशील ही है. कई कई औद्योगिक क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात है. अधिकारियों ने कहा है कि वो स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं और शांति भंग करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे.