नोएडा के औद्योगिक क्षेत्र में मजदूरों का शांतिपूर्ण प्रदर्शन सोमवार को हिंसा में बदल गया. वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर निकला यह आंदोलन कई सेक्टरों में फैल गया, जहां आगजनी, पत्थरबाजी और तोड़फोड़ की घटनाएं हुईं. उत्तर प्रदेश सरकार ने इसे गंभीर साजिश माना है. श्रम मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि यह राज्य में अस्थिरता फैलाने की सोची-समझी योजना लगती है. इसकी जांच भी तेज कर दी गई है.
श्रम मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि नोएडा और मेरठ से हाल में चार आतंकी संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया था, जिनके पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स से संबंध थे. ऐसे में इस हिंसा में भी विदेशी साजिश की आशंका जताई जा रही है. एजेंसियां पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही हैं.
पुलिस ने अब तक करीब 300 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है और 100 से ज्यादा को पूछताछ के लिए हिरासत में रखा है. सेक्टर 60, 62, 84 और फेज-2 में हुई आगजनी व तोड़फोड़ के मामलों में सात एफआईआर दर्ज की गई हैं. भारी पुलिस बल तैनात कर स्थिति को नियंत्रण में लाया गया.
मजदूर हरियाणा में हालिया वेतन वृद्धि के बाद समान लाभ की मांग कर रहे थे. करीब 40,000 से 45,000 मजदूर विभिन्न जगहों पर इकट्ठा हुए. पुलिस के अनुसार शुरुआत में प्रदर्शन शांत था, लेकिन बाहर से आए कुछ असामाजिक तत्वों ने हिंसा भड़काई. चार मांगों को मान लिया गया है, बाकी पर कमेटी बनी है.
मंत्री राजभर का आरोप है कि यह हिंसा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मुजफ्फरनगर कार्यक्रम को बाधित करने के लिए भी की गई. उन्होंने मजदूरों से अपील की कि वे शांत रहें और किसी उकसावे में न आएं. सरकार उनकी हर समस्या सुनने को तैयार है.
प्रशासन ने कहा कि नोएडा में अब स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है. वरिष्ठ अधिकारी मजदूरों से बातचीत कर रहे हैं. पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के जरिए दोषियों की पहचान जारी रखी है. लोगों से अपील की गई है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें.