नोएडा: गौतम बुद्ध नगर में फैक्ट्री मजदूरों का विरोध प्रदर्शन हिंसक हो चुका है. इसके चलते औद्योगिक क्षेत्र में कम वेतन और काम करने की खराब स्थितियों की तरफ ध्यान खिंचा है. बता दें कि प्रदर्शन के दौरान मजदूर ज्यादा वेतन, हफ्ते में छुट्टी, ओवरटाइम का सही भुगतान और काम की जगहों पर बेहतर व्यवहार की मांग कर रहे हैं. इसके लिए यूपी सरकार ने एक उच्च-स्तरीय समिति भी बनाई है.
इस समिति की अध्यक्षता औद्योगिक विकास आयुक्त कर रहे हैं. इसमें श्रम और MSME विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं. बता दें कि समिति ने ग्रेटर नोएडा में मजदूर प्रतिनिधियों और अन्य संबंधित पक्षों के साथ अपनी पहली बैठक की. मजदूरों ने कमिटी को अपनी सभी परेशानियां बताईं.
मजदूरों ने बताया कि कई लोग ऐसे हैं जिन्हें हर महीने केवल ₹10,000 से ₹15,000 के बीच ही वेतन मिलता है. इसे बढ़ाकर ₹18,000-₹20,000 किए जाने की मां की जा रही है. उनका कहना है कि महंगाई इतनी ज्यादा बढ़ गई है कि गुजारा करना मुश्किल हो गया है. वेतन बढ़ाने के अलावा मजदूर हफ्ते में एक फिक्स छुट्टी और ओवरटाइम काम के लिए दोगुना भुगतान भी चाहते हैं.
मजदूरों का कहना है कि वो कई सालों से बिना वेतन वृद्धि के काम कर रहे हैं और बस इतना चाहते हैं कि उन्हें उनके खर्चों के हिसाब से वेतन दिया जाए. वहीं, एक मजदूर का कहना है कि यह केवल पैसों के बारे में नहीं है. बल्कि जहां वो काम करते हैं वहां उनका सम्मान होना भी उतना ही जरूरी है. उन्होंने श्रम कानूनों को बेहतर ढंग से लागू करने और नौकरी की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है.
जिलाधिकारी मेधा रूपम ने कहा कि समिति सभी पक्षों की बात सुनेगी और जल्द ही अपनी सिफारिशें पेश करेगी. उन्होंने भरोसा दिलाया कि क्षेत्र में औद्योगिक शांति बनाए रखते हुए मजदूरों के हितों की रक्षा की जाएगी.
बता दें कि विरोध प्रदर्शन इतने ज्यादा हिंसक हो गए थे, जिससे स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई है. मजदूरों ने सड़कें जाम कर दी थीं, संपत्ति को नुकसान पहुंचाया था और पुलिस से झड़प की थी. इस स्थिति के कारण नोएडा और दिल्ली के कुछ हिस्सों में ट्रैफिक की बड़ी समस्याएं पैदा हो गई हैं. अधिकारियों ने कहा कि आने वाले दिनों में और बैठकें होंगी. वेतन संशोधन और अन्य मांगों पर फैसले सरकारी स्तर पर लिए जाएंगे.