ग्रेटर नोएडा: नोएडा के टेकी युवराज मेहता की पानी से भरे गड्ढे में गिरने से मौत के कुछ हफ्ते बाद एक बार फिर ऐसी ही भयावह घटना सामने आई है. शनिवार को ग्रेटर नोएडा के दनकौर थाना इलाके के दलेलगढ़ गांव में पानी से भरे गड्ढे में गिरने से तीन साल के एक बच्चे की दर्दनाक मौत हो गई.
इस घटना से गांव वालों में गुस्सा है, जो लोकल अथॉरिटी पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं. लोगों से मिली जानकारी के मुताबिक दलेलगढ़ की रहने वाली अंजलि हाल ही में अपने बेटे देवांश और बेटी के साथ बुलंदशहर के सिकंदराबाद से अपने मायके आई थी. शनिवार को परिवार गांव के पास के एक मंदिर में एक भंडारा में शामिल हुआ था.
खबर है कि मंदिर के पास खेलते समय देवांश फिसलकर बारिश के पानी से भरे एक गहरे गड्ढे में गिर गया. जैसे ही परिवार वालों और गांव वालों ने देखा कि बच्चा गायब है, वे उसे बचाने के लिए दौड़े. हालांकि जब तक वे उसे पानी से बाहर निकाल पाए, तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं.
बच्चे की अचानक मौत से परिवार में कोहराम मच गया है और गांव में मातम छा गया है. गांववालों ने दावा किया कि गड्ढा लंबे समय से खुला पड़ा था और हाल ही में हुई बारिश के बाद उसमें पानी भर गया था.
उन्होंने आरोप लगाया कि सेक्टर-150 में इसी तरह की घटना के बाद ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी से बार-बार शिकायत करने के बावजूद कोई कार्यवाई नहीं की गई. जिसके बाद 27 साल के टेकी युवराज मेहता की कार सहित पानी से भरे गड्ढे में गिरने से दुखद मौत हो गई थी.
खतरनाक गड्ढों को भरने या उचित सुरक्षा उपाय लागू करने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की गई. निवासियों ने भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोकने के लिए तुरंत कार्रवाई की मांग की है.
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जिले में दुर्घटना की संभावना वाले सभी इलाकों की पहचान करने और उन्हें ठीक करने का निर्देश दिया था. अधिकारियों ने दावा किया कि उन्होंने इलाकों की पहचान करने के लिए टीमें भेज दी हैं, लेकिन ग्रेटर नोएडा में हुई दो घटनाओं ने अधिकारियों की गंभीरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं.